NTPC Tilaipali Protest Raigarh : गौरी शंकर गुप्ता/ घरघोड़ा/रायगढ़ (07 फरवरी 2026): एनटीपीसी तिलाईपाली परियोजना से प्रभावित 8 गांवों के ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। भूमि मुआवजा, रोजगार और पारदर्शी पुनर्वास की मांग को लेकर पिछले 14 दिनों से जारी शांतिपूर्ण धरना अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन में तब्दील हो गया है। शासन-प्रशासन की उदासीनता के विरोध में ग्रामीणों ने अब राज्य से लेकर राष्ट्रीय राजधानी तक अपनी आवाज पहुँचाने का निर्णय लिया है।
उस्मान बेग ने संभाला मोर्चा, दिनभर धरना स्थल पर डटे
दोनों वरिष्ठ नेताओं—पूर्व मंत्री उमेश पटेल और विधायक लालजीत सिंह राठिया—के निर्देश पर जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष उस्मान बेग शनिवार को धरना स्थल पहुँचे। उन्होंने दिनभर ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और आंदोलन की अगली रणनीति पर चर्चा की।
अधिकारों के हनन का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि एनटीपीसी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन अधिनियम 2013 के प्रावधानों और पेसा कानून की धज्जियां उड़ा रहा है। ग्राम सभाओं की सहमति के बिना ही प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे अनुसूचित क्षेत्र के आदिवासियों और किसानों में असुरक्षा का भाव है।
आंदोलन की 8 सूत्रीय प्रमुख मांगें:
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अधिनियम 2013 के अनुसार उचित एवं वर्तमान दर पर भूमि मुआवजा।
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पारदर्शी और न्यायपूर्ण पुनर्वास नीति लागू करना।
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प्रत्येक प्रभावित परिवार को 5 लाख रुपये की तात्कालिक सहायता।
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युवाओं के लिए स्थायी रोजगार या सम्मानजनक बेरोजगारी भत्ता।
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पेसा कानून के तहत ग्राम सभा की अनिवार्य सहमति।
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कट-ऑफ तिथि में सुधार और गलत सहमतियों का निरस्तीकरण।
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मुआवजे के वितरण में हुई कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच।

“दिल्ली के जंतर-मंतर तक ले जाएंगे लड़ाई”
धरना स्थल से प्रशासन को चेतावनी देते हुए उस्मान बेग ने कहा:
“14 दिनों से शांतिपूर्ण ढंग से बैठे किसानों और आदिवासियों की अनदेखी करना प्रशासन की हठधर्मिता है। यह केवल जमीन की नहीं, बल्कि हक और सम्मान की लड़ाई है। यदि जल्द निर्णय नहीं हुआ, तो यह गूँज घरघोड़ा से शुरू होकर रायपुर के रास्ते दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद भवन तक पहुँचेगी।”
आश्वासन नहीं, अब समाधान चाहिए
ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अब केवल कागजी आश्वासनों पर घर नहीं लौटेंगे। जब तक उनकी मांगों पर ठोस, लिखित और समयबद्ध कार्यवाही नहीं होती, तब तक एनटीपीसी परियोजना का विरोध और धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।













