आज देशभर में ओला-उबर-रैपिडो ड्राइवरों की हड़ताल, 6 घंटे ऐप से रहेंगे लॉग-आउट

0
176

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : शनिवार को देश के कई शहरों में ओला, उबर और रैपिडो जैसे राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े ड्राइवरों ने 6 घंटे तक ऐप से लॉग-आउट रहने का फैसला किया है। इस कदम का सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ सकता है जो रोजमर्रा के सफर के लिए कैब सेवाओं पर निर्भर रहते हैं। यूनियन का कहना है कि लगातार घटती कमाई और आय में अस्थिरता ने ड्राइवरों की आजीविका को प्रभावित किया है, जिसके विरोध में यह हड़ताल बुलाई गई है।

यूनियन की दो प्रमुख मांगें

तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) ने सरकार और कंपनियों के सामने दो अहम मांगें रखी हैं।
पहली मांग मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 से जुड़ी है, जिसमें निजी वाहनों को भी बिना कमर्शियल नंबर प्लेट के संचालन की अनुमति देने का प्रावधान किया गया है। यूनियन का कहना है कि इससे पेशेवर ड्राइवरों की आय पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

Read More : सिंगरौली में अंतरराष्ट्रीय शादी! संदीप और फ्रांसीसी दुल्हन शेरला ने लिए सात फेरे

दूसरी मांग किराया निर्धारण को लेकर है। ड्राइवरों का आरोप है कि कंपनियां मनमाने तरीके से किराया तय करती हैं, जिससे ड्राइवरों और यात्रियों दोनों को नुकसान होता है। यूनियन चाहती है कि किराया तय करने का अधिकार केवल सरकार के पास हो, ताकि संतुलित और पारदर्शी व्यवस्था बन सके।

आर्थिक सर्वेक्षण में भी सामने आई चिंता

हालिया आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में भी गिग वर्कर्स की आय को लेकर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार गिग इकोनॉमी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन करीब 40 प्रतिशत गिग वर्कर्स की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। यह स्थिति आय की अस्थिरता और सामाजिक सुरक्षा की कमी को दर्शाती है।

यात्रियों के लिए क्या मायने?

हड़ताल के कारण कई शहरों में कैब और टैक्सी सेवाएं सीमित हो सकती हैं। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले ऐप पर उपलब्धता जांच लें या वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था पहले से कर लें।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह हड़ताल केवल एक विरोध नहीं, बल्कि गिग इकोनॉमी में श्रम सुरक्षा और आय स्थिरता जैसे बड़े मुद्दों पर राष्ट्रीय बहस की शुरुआत भी हो सकती है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here