India–US Trade Deal : नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच हुई नई ट्रेड डील ने पड़ोसी पाकिस्तान की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने के ऐलान के बाद पाकिस्तान के निर्यात, खासकर कॉटन और टेक्सटाइल सेक्टर, पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
India–US Trade Deal : राष्ट्रपति ट्रंप ने यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद की। भारत और अमेरिका के बीच यह व्यापार समझौता करीब एक साल से चर्चा में था। विशेषज्ञों का मानना है कि पहले यूरोपीय संघ और अब अमेरिका के साथ भारत की ट्रेड डील से पाकिस्तान की वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा कमजोर हो सकती है।
India–US Trade Deal : पाकिस्तान के कॉटन एक्सपोर्ट पर असर की आशंका
पाकिस्तान के उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, भारत को अमेरिका और यूरोपीय संघ में मिल रही शुल्क छूट से भारतीय उत्पाद सस्ते होंगे, जिससे पाकिस्तान के निर्यातकों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, कॉटन जिनर्स फोरम के अध्यक्ष एहसानुल हक ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो पाकिस्तान के कॉटन और कपड़ा निर्यात में भारी गिरावट आ सकती है।
टैरिफ अंतर से भारत को बढ़त
हक के अनुसार, हालात तब और चुनौतीपूर्ण हो गए जब यूरोपीय संघ ने भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क शून्य कर दिया। वहीं, अमेरिका ने भारत पर टैरिफ को 18 से 25 प्रतिशत के दायरे में ला दिया है, जबकि पाकिस्तानी उत्पादों को अब भी अमेरिका में करीब **19 प्रतिशत टैरिफ** का सामना करना पड़ रहा है। इस अंतर का सीधा फायदा भारत को मिलने की संभावना है।
India–US Trade Deal : पाकिस्तान सरकार से उद्योग की मांग
कॉटन जिनर्स फोरम ने पाकिस्तान सरकार से मांग की है कि
* उत्पादन लागत को क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धियों के बराबर लाया जाए,
* लंबे समय से लंबित रिफंड जारी किए जाएं,
* या फिर उन्हें सुपर टैक्स देनदारियों के साथ समायोजित किया जाए।
उद्योग का कहना है कि नीतिगत देरी से वैश्विक बाजार में पाकिस्तान की स्थिति और कमजोर हो सकती है।
India–US Trade Deal : भारत-अमेरिका और भारत-ईयू डील से बदली तस्वीर
India–US Trade Deal : सोमवार को ट्रंप ने भारत पर टैरिफ घटाने का ऐलान किया, हालांकि अमेरिका ने भारत से रूस से तेल आयात को लेकर शर्तें भी रखी हैं। वहीं, भारत और यूरोपीय संघ के बीच होने वाला एफटीए, जिसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा जा रहा है, इस साल लागू होने की संभावना है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, समझौते के लागू होते ही भारत के 99 प्रतिशत निर्यात को यूरोपीय संघ में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी, जिससे अगले पांच वर्षों में निर्यात दोगुना होने की उम्मीद है।











