नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने लगातार नौवें बजट भाषण में ऐसे कई बड़े ऐलान किए हैं, जो आने वाले वर्षों में देश की आर्थिक और भौतिक संरचना को नई दिशा दे सकते हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर निवेश, बैंकिंग और एमएसएमई तक, बजट 2026 को “विकसित भारत” के लक्ष्य से जोड़कर पेश किया गया।
पूंजीगत व्यय में रिकॉर्ड इजाफा
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाकर ₹12.20 लाख करोड़ कर दिया है। यह पिछले वर्ष के 11.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। इससे सड़कों, रेल, शहरी विकास और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को सीधा फायदा मिलेगा।
7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
पर्यावरण के अनुकूल और तेज यात्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर घोषित किए गए हैं। इनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं।
बॉन्ड मार्केट और बैंकिंग सुधार
कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार को गहराई देने के लिए मार्केट-मेकिंग फ्रेमवर्क का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बैंकिंग सेक्टर की व्यापक समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी।
मानसिक स्वास्थ्य और क्रिएटिव सेक्टर को बढ़ावा
उत्तर भारत में निमहंस 2.0 की स्थापना का ऐलान किया गया है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी। वहीं मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को 15,000 स्कूलों में कंटेंट लैब स्थापित करने के लिए सहायता दी जाएगी।
NRI निवेश और राजकोषीय अनुशासन
NRIs की निवेश सीमा 5% से बढ़ाकर 10% और कुल सीमा 24% कर दी गई है। इससे विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ने की उम्मीद है।
सरकार ने राजकोषीय घाटा 4.3% तक लाने का लक्ष्य भी रखा है।
MSME और SME के लिए बड़ा सहारा
आत्मनिर्भर भारत कोष में ₹4,000 करोड़ की अतिरिक्त राशि जोड़ी जाएगी। इसके अलावा प्रतिस्पर्धी SME इकोसिस्टम बनाने के लिए ₹10,000 करोड़ का नया फंड स्थापित करने का प्रस्ताव है।











