Trimula Industries Dispute : सिंगरौली। जिले के गोंदवाली स्थित त्रिमुला इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रबंधन को सहायक श्रमायुक्त ने दूसरी बार नोटिस जारी कर कड़ा रुख अपनाया है। कंपनी को आगामी 2 फरवरी को नियोजन से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ कार्यालय में उपस्थित होने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। मामला एक श्रमिक की मजदूरी और वैधानिक अधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है।
वेतन और सुविधाओं में धांधली का आरोप पूरा मामला तब गरमाया जब ग्राम गोरबी निवासी पीड़ित श्रमिक विनोद कुमार साकेत ने कलेक्टर कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज कराई। श्रमिक का आरोप है कि त्रिमुला इंडस्ट्रीज ने उनसे लंबे समय तक ‘केमिस्ट’ जैसे महत्वपूर्ण पद पर काम तो लिया, लेकिन न तो समय पर वेतन का भुगतान किया गया और न ही अन्य वैधानिक सुविधाएं प्रदान की गईं। कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद यह प्रकरण जांच के लिए श्रम विभाग को सौंपा गया था।
विभागीय नोटिस की अनदेखी पड़ी भारी श्रम विभाग ने प्रारंभिक जांच के बाद कंपनी प्रबंधन को पहला नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। हालांकि, कंपनी के अधिकारियों ने न तो संतोषजनक उत्तर दिया और न ही जरूरी रिकॉर्ड पेश किए। इसे विभागीय आदेशों की खुली अवहेलना मानते हुए अब दूसरा नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने कंपनी से उपस्थिति पंजी, वेतन पंजी और नियोजन संबंधी मूल अभिलेख पेश करने को कहा है।
होगी सख्त दंडात्मक कार्रवाई श्रम विभाग के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि श्रमिकों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। विभाग ने संकेत दिए हैं कि यदि 2 फरवरी की निर्धारित तिथि पर कंपनी का पक्ष सामने नहीं आता है, तो प्रकरण में एकतरफा कार्रवाई (Ex-parte action) करते हुए नियमानुसार भारी दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, कंपनी की रहस्यमयी चुप्पी ने प्रशासन और पीड़ित पक्ष के बीच तनाव बढ़ा दिया है।











