Mahasamund News : महासमुंद। झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजने और विद्वेषपूर्ण कार्रवाई के खिलाफ न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने DSP और पूर्व CMO की पत्नी पर संयुक्त रूप से 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए पीड़ित को क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है।
Mahasamund News : प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्व पार्षद एवं सामाजिक कार्यकर्ता पंकज साहू ने वर्ष 2010 से 2015 के बीच नगर पालिका परिषद महासमुंद में पार्षद रहते हुए तत्कालीन नपा अध्यक्ष द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने जनता को हार्वेस्टर से पानी पिलाने के फर्जी मामले में अध्यक्ष, सीएमओ और चार अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ शासकीय धन के गबन व धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके अलावा नलकूप खनन और राशन कार्ड घोटाले को लेकर भी कार्रवाई करवाई थी।
Mahasamund News : इन कार्रवाइयों के बाद पंकज साहू पर दबाव बनाने के लिए सुनियोजित तरीके से 11 अक्टूबर 2012 को सुबह कचहरी चौक स्थित उनके होटल में अवैध तोड़फोड़ और लूटपाट की गई, जिसमें साहू का हाथ फ्रैक्चर हो गया। इसके बाद उन्होंने थाना महासमुंद में रिपोर्ट दर्ज कराई और जिला अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण कराया।
Mahasamund News : इसी दौरान तत्कालीन सीएमओ की पत्नी ने साहू, उनके पिता फूलचंद साहू, भाई धीरज सरफराज और साथी बबलू हरपाल के खिलाफ सीएमओ आवास में तोड़फोड़ और मारपीट की झूठी रिपोर्ट दर्ज करवा दी, जिसके आधार पर साहू और उनके परिवार को जेल भेज दिया गया। वे करीब छह दिन तक जेल में निरुद्ध रहे, बाद में जमानत पर रिहा हुए।
Mahasamund News : मामले में वर्ष 2019 में न्यायालय द्वारा पंकज साहू और अन्य सभी को दोषमुक्त कर दिया गया। इसके बाद साहू ने गृह विभाग और पुलिस महानिरीक्षक से शिकायत कर तत्कालीन टीआई और वर्तमान डीएसपी प्रमिला मंडावी के खिलाफ विभागीय जांच करवाई, जिसमें उन्हें झूठी रिपोर्ट में कार्रवाई का दोषी पाया गया और विभागीय दंड दिया गया।
Mahasamund News : इसके बाद वर्ष 2022 में साहू ने महासमुंद न्यायालय में विद्वेषपूर्ण अभियोजन और झूठे मामले में जेल भेजे जाने को लेकर 2 लाख रुपये क्षतिपूर्ति का वाद दायर किया, जिसमें चमेली देशलहरा और प्रमिला मंडावी को प्रतिवादी बनाया गया।
Mahasamund News : न्यायालय ने 15 जनवरी 2026 को आदेश पारित करते हुए प्रतिवादी क्रमांक एक चमेली देशलहरा और प्रतिवादी क्रमांक दो प्रमिला मंडावी को संयुक्त रूप से 2 लाख रुपये क्षतिपूर्ति राशि अदा करने का निर्देश दिया। इस वाद में साहू द्वारा जमा किया गया 23,800 रुपये का न्याय शुल्क भी उन्हें वापस मिलेगा।
Mahasamund News : इस फैसले पर पंकज साहू ने कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। उन्होंने आम जनता से अपील की कि पुलिसिया अत्याचार या झूठे आरोपों से डरने की आवश्यकता नहीं है, संविधान के तहत न्याय अवश्य मिलता है।









