निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक हलकों में इस्तीफों का दौर लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के ठीक एक दिन बाद अब अयोध्या जिले में तैनात GST के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने भी अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। यह इस्तीफा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विरोध में दिया गया है, जिससे प्रदेश की राजनीति और नौकरशाही में नई चर्चा शुरू हो गई है।
राज्यपाल को भेजा गया इस्तीफा
प्रशांत कुमार सिंह ने अपना इस्तीफा मंगलवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भेजा। अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि वे पिछले कई दिनों से प्रयागराज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ की जा रही टिप्पणियों से मानसिक रूप से आहत थे। उन्होंने साफ किया कि वे उत्तर प्रदेश सरकार के कर्मचारी हैं और उनकी आजीविका सरकार से जुड़ी हुई है, जिससे उनके परिवार का पालन-पोषण होता है।
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मुख्यमंत्री के खिलाफ टिप्पणी को बताया अमर्यादित
इस्तीफे में प्रशांत कुमार सिंह ने लिखा कि एक राज्य कर्मचारी होने के नाते उनका कर्तव्य है कि यदि प्रदेश सरकार या मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई अनर्गल या अमर्यादित बयान देता है, तो उसका विरोध किया जाए। उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ की गई टिप्पणियों को राष्ट्र, संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ बताया।
#WATCH | Ayodhya, UP | On his resignation, Prashant Kumar Singh, GST Commissioner, Ayodhya, says, “In favour of the government and to oppose Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand, I have resigned. For the last 2 days, I was deeply hurt by his baseless allegations against our CM… pic.twitter.com/ajPjHErYIQ
— ANI (@ANI) January 27, 2026
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को लेकर भी आपत्ति
प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि शंकराचार्य द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भी लगातार आपत्तिजनक बयान दिए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह की टिप्पणियां देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ भोले-भाले अधिकारियों को प्रलोभन देकर सरकार के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश की जा रही है।
समाज में विभाजन फैलाने का आरोप
GST डिप्टी कमिश्नर ने अपने इस्तीफे में यह भी कहा कि समाज में जातिवाद का जहर घोलने और देश-प्रदेश को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने लिखा कि एक संवेदनशील नागरिक और सरकारी सेवक होने के नाते वे ऐसी स्थिति में चुप नहीं रह सकते।
अलंकार अग्निहोत्री के बाद दूसरा बड़ा मामला
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने भी पांच पन्नों का इस्तीफा देकर पद छोड़ दिया था और अपना सरकारी आवास खाली कर दिया था। लगातार हो रहे इन इस्तीफों ने उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया है।











