Dog Feeder Compensation News : नोएडा/दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। नोएडा की एक बड़ी हाउसिंग सोसाइटी में निवासियों को संबोधित करते हुए गोयल ने अपील की कि यदि सोसाइटी के भीतर किसी को कुत्ता काटता है, तो उसका मुआवजा उन ‘डॉग फीडर्स’ से वसूला जाना चाहिए जो उन्हें खाना खिलाते हैं। उन्होंने निवासियों से बिना डरे उन लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराने को कहा जो अपार्टमेंट परिसरों और दरवाजों के बाहर कुत्तों को खाना डालकर गंदगी और असुरक्षा फैलाते हैं।
विजय गोयल ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों जैसे रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, स्कूल, कॉलेज और स्पोर्ट्स स्टेडियम से कुत्तों को बाहर रखने का आदेश पहले से ही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सोसाइटी के पार्क और अपार्टमेंट परिसर भी सार्वजनिक स्थानों की श्रेणी में आते हैं, इसलिए वहां से भी कुत्तों को बाहर किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि हर सोसाइटी एक टीम बनाए जो यह सुनिश्चित करे कि कुत्तों को केवल प्रशासन द्वारा ‘चिह्नित जगहों’ पर ही खाना खिलाया जाए।
पूर्व मंत्री ने घोषणा की कि वे जल्द ही जंतर-मंतर पर उन पीड़ितों के साथ धरना देंगे जिन्हें कुत्तों ने काटा है। उन्होंने कहा, “हर साल लाखों बच्चे और बुजुर्ग इन कुत्तों का शिकार हो रहे हैं। यह समस्या इतनी विकराल हो चुकी है कि विदेशी पर्यटक भारत आने से कतरा रहे हैं, जिससे हमारी अर्थव्यवस्था और पर्यटन पर बुरा असर पड़ रहा है।” गोयल ने अमेरिका और सिंगापुर जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सड़कों पर एक भी आवारा कुत्ता नहीं दिखता, जबकि भारत में पीटा (PETA) जैसे संगठन विदेशी फंड के दम पर इस समस्या को बढ़ावा दे रहे हैं।
गोयल ने सभी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) से अपील की है कि वे अपने परिसरों में कैंडल मार्च और विरोध प्रदर्शन आयोजित करें। उनका उद्देश्य इस जन आंदोलन के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट तक यह संदेश पहुंचाना है कि नागरिक अब आवारा कुत्तों के आतंक के बीच जीने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कुत्ता प्रेमी होना अच्छी बात है, लेकिन यह अधिकार किसी को नहीं देता कि दूसरों की सुरक्षा को खतरे में डाला जाए।













