Lailunga Drug Mafia : गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़/लैलूंगा: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस का खौफ अब केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहा है। लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम कोइलारडीह में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ अवैध नशे के खिलाफ आवाज उठाना एक महिला के लिए जान की आफत बन गया है। नशामुक्ति की अलख जगाने वाली पीड़िता बेलासो को गांव के ही एक रसूखदार आरोपी ने सरेआम जान से मारने की धमकी दी है।
थाना प्रभारी की मौजूदगी में हुआ था फैसला: विडंबना यह है कि कुछ ही दिन पहले गांव में अवैध शराब और गांजा बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए एक ‘जन-चौपाल’ आयोजित की गई थी। इस बैठक में तत्कालीन थाना प्रभारी (TI) खुद मौजूद थे और समाज के सामने नशाखोरी बंद करने का संकल्प लिया गया था। लेकिन खाकी की हनक का असर 24 घंटे भी नहीं रहा। 15 जनवरी की सुबह आरोपी घोनो यादव ने पीड़िता के घर पहुंचकर न केवल गालियों की बौछार की, बल्कि पुलिसिया कार्यवाही को चुनौती देते हुए कहा कि वह बाहर से आदमी बुलाकर उसे मरवा देगा।
पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल: पीड़िता ने लैलूंगा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन आरोप है कि पुलिस अब तक इस मामले में किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रही है। जब खुद टीआई की मौजूदगी में हुए फैसलों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, तो आम जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे ही नजर आती है। स्थानीय लोगों में चर्चा है कि आखिर किसके ‘आशीर्वाद’ से यह नशा कारोबार इस कदर फल-फूल रहा है कि आरोपी पुलिस को भी चुनौती देने से नहीं हिचक रहा।
एसपी से न्याय की गुहार: स्थानीय पुलिस के सुस्त रवैये से आहत बेलासो ने अब जिले के नए पुलिस अधीक्षक (SP) से मिलने का निर्णय लिया है। पीड़िता का कहना है कि वह और उसका परिवार दहशत में है, लेकिन वे नशे के इस अवैध कारोबार के खिलाफ झुकेंगे नहीं। अब देखना यह होगा कि रायगढ़ पुलिस का नया नेतृत्व इस नशा माफिया पर लगाम कस पाता है या कोइलारडीह की यह पुकार फाइलों में ही दबकर रह जाएगी।













