दावोस/नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते को लेकर चल रही अटकलों के बीच एक अहम और सकारात्मक संकेत सामने आया है। यह संकेत किसी और ने नहीं, बल्कि खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिया है। दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान भारत-अमेरिका डील पर पूछे गए सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान करते हैं और उन्हें अपना अच्छा दोस्त मानते हैं। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि भारत के साथ अमेरिका एक “अच्छी डील” की ओर बढ़ रहा है।
दावोस से आया भरोसे का संदेश
व्यापार समझौते को लेकर सीधे सवाल पर ट्रंप का जवाब भले ही संक्षिप्त था, लेकिन उसका संदेश स्पष्ट और सकारात्मक माना जा रहा है। उन्होंने कहा, “हमें एक अच्छा समझौता होने की उम्मीद है।” यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारतीय शेयर बाजार लगातार गिरावट के दबाव में रहा है और निवेशक किसी सकारात्मक संकेत का इंतजार कर रहे थे।
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छह दौर की बातचीत, अब निर्णायक मोड़ पर डील
भारत और अमेरिका अब तक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते और आपसी टैरिफ कम करने को लेकर छह दौर की बातचीत कर चुके हैं। दोनों देश लंबे समय से चले आ रहे व्यापार विवादों को खत्म करने और स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के बाद इस प्रक्रिया को और गति मिली। इसी दौरान दोनों नेताओं ने ‘मिशन 500’ की घोषणा की, जिसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक भारत-अमेरिका व्यापार को बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।
शेयर बाजार और निर्यात सेक्टर पर नजर
ट्रंप के इस बयान का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिख सकता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस बयान के बाद उन कंपनियों पर निवेशकों की नजर बढ़ेगी, जिनका कारोबार बड़े पैमाने पर अमेरिकी बाजार पर निर्भर है। खास तौर पर टेक्सटाइल, झींगा फीड निर्यातक और फार्मा सेक्टर चर्चा में हैं।
फार्मा सेक्टर फिलहाल टैरिफ से बाहर है, लेकिन टेक्सटाइल उद्योग पहले ही अमेरिकी टैरिफ का असर झेल चुका है। Gokaldas Exports, Welspun Living और Pearl Global जैसी कंपनियों की 50 से 70 प्रतिशत तक की आय अमेरिका से आती है। ऐसे में अगर टैरिफ में राहत मिलती है, तो इन कंपनियों के मुनाफे पर सीधा सकारात्मक असर पड़ सकता है।
निवेशकों के लिए संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार ट्रंप का यह बयान किसी आधिकारिक समझौते की घोषणा नहीं है, लेकिन यह भरोसे का संकेत जरूर देता है। आने वाले दिनों में भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता से जुड़ी हर खबर शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।













