Sunday, September 27, 2026
Home Madhya Pradesh Gwalior ग्वालियर पहुंचे जगतगुरु रामभद्राचार्य, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और दिग्विजय सिंह के बयानों पर...

ग्वालियर पहुंचे जगतगुरु रामभद्राचार्य, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और दिग्विजय सिंह के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया

ग्वालियर : जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज बुधवार को ग्वालियर पहुंचे, जहां उन्होंने हाल ही में चर्चा में आई शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़ी घटना को लेकर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। उन्होंने शंकराचार्य द्वारा खुद के साथ “अन्याय” होने के दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि असल में नियमों का उल्लंघन खुद शंकराचार्य ने किया है।

रामभद्राचार्य महाराज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धर्म और परंपरा में नियम सर्वोपरि होते हैं और उनका पालन सभी को करना चाहिए—चाहे वह कितना ही बड़ा संत क्यों न हो।

“अन्याय उनके साथ नहीं, उन्होंने खुद किया”

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की हालिया घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज ने कहा—“उनके साथ कोई अन्याय नहीं हुआ है। असल में अन्याय उन्होंने खुद किया है। नियम यह होता है कि गंगा तक रथ में नहीं जाया जाता। पुलिस ने जब उन्हें रोककर आगे न जाने को कहा था, तो उन्हें रुक जाना चाहिए था।” उन्होंने आगे कहा कि वे स्वयं जगतगुरु होते हुए भी संगम में पैदल जाकर स्नान करते हैं। ऐसे में नियमों की अनदेखी करना किसी भी स्तर पर उचित नहीं है। सरकार द्वारा जारी नोटिस को भी उन्होंने पूरी तरह सही ठहराया।

धीरेंद्र शास्त्री के बयान का समर्थन

इस दौरान जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने हिंदुओं से अधिक बच्चे पैदा करने की अपील की थी। रामभद्राचार्य ने कहा कि हिंदू समाज को अपनी जनसंख्या और अस्तित्व को लेकर सजग रहने की आवश्यकता है।

Read More : अरावली पहाड़ियों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त! अवैध खनन पर ‘जीरो टॉलरेंस’, 100 मीटर नियम पर रोक बरकरार

दिग्विजय सिंह के बयान पर तीखा प्रहार

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के “हिंदू शब्द फारसी से आया है” वाले बयान पर रामभद्राचार्य महाराज ने बेहद सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे अज्ञानता का परिचायक बताया- “मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं कि दिग्विजय सिंह को शास्त्रों का कोई ज्ञान नहीं है। जेमिनी सभ्यता और प्राचीन तंत्र-शास्त्रों में हिंदू शब्द की स्पष्ट परिभाषा मिलती है। यह श्लोकों में वर्णित है। जिन्हें शास्त्रों का ज्ञान नहीं, उन पर अब क्या ही कहा जा सकता है।”

धर्म और नियमों पर दिया स्पष्ट संदेश

जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज का यह बयान ऐसे समय आया है, जब धर्म, परंपरा और राजनीति को लेकर देशभर में बहस तेज है। उन्होंने साफ संदेश दिया कि धार्मिक आस्था तभी सार्थक है, जब वह अनुशासन और नियमों के साथ जुड़ी हो।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here