Chhattisgarh Congress Block President Dispute : छत्तीसगढ़ कांग्रेस में ब्लॉक अध्यक्षों की सूची पर बवाल : सूरजपुर जिलाध्यक्ष ने दीपक बैज को लिखी चिट्ठी, नियुक्ति बदलने की मांग

Chhattisgarh Congress Block President Dispute : छत्तीसगढ़ कांग्रेस में ब्लॉक अध्यक्षों की नई नियुक्तियों ने पार्टी के भीतर गुटबाजी और नाराजगी को सतह पर ला दिया है। सूची जारी होने के तुरंत बाद सूरजपुर की नवनियुक्त जिलाध्यक्ष शशि सिंह ने मोर्चा खोलते हुए प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को पत्र लिखकर सूरजपुर ब्लॉक अध्यक्ष की नियुक्ति पर कड़ी आपत्ति जताई है। शशि सिंह ने मनोज डालमिया की जगह संतोष पावले को अध्यक्ष बनाने की पैरवी की है, जिससे संगठन के भीतर खींचतान की खबरें तेज हो गई हैं।

विवाद के केंद्र में सूरजपुर ब्लॉक की भौगोलिक और राजनीतिक स्थिति है। जिलाध्यक्ष शशि सिंह का तर्क है कि सूरजपुर ब्लॉक में 100 ग्राम पंचायतें आती हैं और यहाँ की 95 प्रतिशत आबादी ग्रामीण है। ऐसे में शहरी क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले मनोज डालमिया की नियुक्ति तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने मांग की है कि किसी ग्रामीण पृष्ठभूमि के सक्रिय कार्यकर्ता को ही यह जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह विवाद केवल ग्रामीण बनाम शहरी का नहीं, बल्कि प्रदेश के बड़े नेताओं के बीच वर्चस्व की जंग का भी हिस्सा है।

राजनैतिक गलियारों में चर्चा है कि नियुक्त किए गए ब्लॉक अध्यक्ष मनोज डालमिया पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के करीबी हैं, जबकि जिलाध्यक्ष शशि सिंह को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नजदीकी माना जाता है। ऐसे में यह विरोध संगठन बनाम गुटबाजी की दिशा में बढ़ता दिख रहा है। केवल सूरजपुर ही नहीं, बल्कि महासमुंद और कई अन्य जिलों से भी ऐसी ही खबरें आ रही हैं कि जिला अध्यक्षों से सलाह लिए बिना सीधे विधायकों और पूर्व विधायकों की पसंद पर नियुक्तियां कर दी गई हैं।

इधर, प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैंदू ने इन विवादों को सिरे से खारिज करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि 307 ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति में कहीं से भी विरोध की बात आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है। हालांकि, उन्होंने सूरजपुर जिलाध्यक्ष से फोन पर चर्चा होने की बात स्वीकार की, लेकिन लिखित आपत्ति मिलने से इनकार किया है। पीसीसी का दावा है कि ये नियुक्तियां पूरी तरह से लोकतांत्रिक और सर्वे के आधार पर की गई हैं।

फिलहाल, इस विवाद ने प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की चुनौती बढ़ा दी है। एक तरफ पार्टी आगामी चुनौतियों के लिए संगठन को मजबूत करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ नेताओं के समर्थकों के बीच छिड़ी यह ‘चिट्ठी युद्ध’ कांग्रेस के लिए नई मुसीबत खड़ी कर सकती है। अब देखना यह होगा कि क्या पीसीसी जिलाध्यक्षों की नाराजगी को देखते हुए सूची में कोई बदलाव करती है या अनुशासन का डंडा चलाकर इस विरोध को दबाने का प्रयास किया जाता है।

Share The News
[youtube_shorts]

Popular News

raipur-gold-shop-robbery-arrest:लक्ष्य ज्वेलर्स चोरी केस: डॉग स्क्वॉड की मदद से पुलिस ने दबोचे आरोपी

raipur-gold-shop-robbery-arrest: राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित लक्ष्य ज्वेलर्स...

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

Related Articles

Popular Categories