Lormi News : साजिद खान/लोरमी : श्री सिद्ध बाबा विकास समिति बिचारपुर द्वारा विगत 30 वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत इस वर्ष भी श्री रामचरित मानस अखंड नवधा रामायण का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में पूज्य श्री श्री 1008 स्वामी सदानंद परमहंस महाराज जी द्वारा स्थापित परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पूज्य श्री श्री 108 स्वामी शिवानंद जी महाराज का मंगलमय आगमन श्री सिद्ध बाबा आश्रम बिचारपुर में सायं 4 बजे हुआ।
Lormi News : स्वामी जी के आगमन पर समस्त ग्रामवासी श्रद्धालुओं एवं सेवा समिति के सदस्यों ने श्री हरिकीर्तन और सनातन धर्म की जयघोष के साथ भव्य स्वागत किया। पहाड़ी पर स्थित श्री सिद्ध बाबा आश्रम बिचारपुर आसपास के क्षेत्रों में आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यह आश्रम पूज्य स्वामी सदानंद महाराज जी की तपोस्थली रहा है, जहां वे प्रतिवर्ष साधना के लिए पधारते थे। आश्रम की पहाड़ी के नीचे से होकर बहने वाली माँ मनियारी नदी क्षेत्रवासियों के लिए जीवनदायिनी मानी जाती है।
Lormi News : कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने भी पूज्य स्वामी शिवानंद जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मंत्री तोखन साहू ने कहा कि स्वामी जी का आशीर्वाद उन्हें सदैव मिलता रहा है और बेलगहना आश्रम से उनका पुराना संबंध रहा है, जहां उनका आना-जाना निरंतर बना रहता है।
Lormi News : अपने उद्बोधन में पूज्य स्वामी शिवानंद जी महाराज ने भक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भक्ति ईश्वर के प्रति पूर्ण प्रेम, समर्पण और निष्काम सेवा का मार्ग है। जब व्यक्ति अपने सभी कर्मों को फल की इच्छा त्यागकर ईश्वर को अर्पित करता है, तब वह स्वयं को ईश्वर के आनंद स्वरूप में लीन कर पाता है।
Lormi News : सनातन धर्म में ईश्वर प्राप्ति का सबसे सरल और श्रेष्ठ मार्ग भक्ति ही है। सच्चे भक्त पर प्रभु की कृपा अवश्य बरसती है और उसी कृपा से साधक को ईश्वरत्व की प्राप्ति होती है। कार्यक्रम के अंत में श्री सिद्ध बाबा आश्रम बिचारपुर द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।









