भोपाल : मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश तभी मिलेगा, जब उनकी आइरिस स्कैन और फिंगरप्रिंट जांच पूरी होगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य फर्जी अभ्यर्थियों और नकल जैसी अनियमितताओं पर पूरी तरह रोक लगाना है।
एआई की मदद से होगी परीक्षा प्रक्रिया
ईएसबी इस वर्ष प्रश्नपत्रों की तैयारी और परीक्षा केंद्रों के चयन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता भी लेगा। एआई तकनीक के जरिए संवेदनशील केंद्रों की पहचान, प्रश्नपत्रों का सुरक्षित वितरण और परीक्षा संचालन को और मजबूत किया जाएगा। इससे मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और परीक्षा प्रणाली अधिक भरोसेमंद बनेगी।
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इस साल होंगी 16 भर्ती परीक्षाएं
ईएसबी ने जानकारी दी है कि वर्ष 2025 में राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए कुल 16 भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इन परीक्षाओं के माध्यम से करीब 15 हजार पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, जिससे युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलेंगे।
पुलिस, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में होगी भर्ती
इन भर्तियों के तहत पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य महत्वपूर्ण विभागों में खाली पड़े पदों को भरा जाएगा। लंबे समय से रिक्त पदों के कारण विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा था, जिसे देखते हुए सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को तेज करने का फैसला लिया है।
डिजिटल और ईको-फ्रेंडली परीक्षा की ओर कदम
बायोमेट्रिक सिस्टम और एआई आधारित चयन प्रक्रिया से कागज का उपयोग कम होगा। इससे परीक्षाएं न केवल सुरक्षित बल्कि पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) भी बनेंगी। ईएसबी का मानना है कि यह बदलाव प्रदेश की परीक्षा प्रणाली को नई तकनीक के अनुरूप ढालने में मदद करेगा।













