Chhattisgarh Malnutrition Rate 2026 : रायपुर: छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सोमवार को राज्य सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विभाग ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है।
महतारी वंदन: 68 लाख महिलाओं को संबल
मंत्री ने बताया कि राज्य की 68 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना के जरिए आर्थिक आजादी मिली है। अब तक सरकार 14,307 करोड़ रुपये की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर कर चुकी है। इसके अलावा प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना के तहत दूसरी संतान बालिका होने पर 6,000 रुपये की विशेष सहायता भी दी जा रही है।
कुपोषण के खिलाफ जंग में बड़ी जीत
विभाग की सबसे बड़ी उपलब्धि कुपोषण दर में आई कमी है। मंत्री राजवाड़े ने तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए बताया:
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नवंबर 2023: कुपोषण दर 30.88% थी।
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नवंबर 2025: कुपोषण दर घटकर 24.99% रह गई है।
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अंडरवेट बच्चे: 15.50% से घटकर 13.61% पर आ गए हैं।
आंगनबाड़ियों का कायाकल्प और डिजिटल पारदर्शिता
मंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में 19.64 लाख हितग्राहियों को पूरक पोषण आहार दिया जा रहा है। वितरण में पारदर्शिता के लिए 90% आपूर्ति FRS (Face Recognition System) प्रणाली के माध्यम से हो रही है। ‘बुनियाद और भविष्य’ कार्यक्रम के तहत 4,750 आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक BaLA (Building as Learning Aid) अवधारणा पर विकसित किया गया है।
सामाजिक सुरक्षा और आगामी लक्ष्य
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मुख्यमंत्री कन्या विवाह: 15,342 बेटियों का विवाह कराया गया, प्रति जोड़ा ₹50,000 की सहायता दी गई।
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बाल विवाह मुक्ति: बालोद जिला पूर्णतः बाल विवाह मुक्त घोषित हो चुका है। सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2029 तक पूरे छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाना है।
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समाज कल्याण: मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को पुन: प्रारंभ कर 10,694 बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा कराई गई।
मंत्री ने आगामी कार्ययोजना साझा करते हुए कहा कि ‘सुपोषित छत्तीसगढ़’ को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बस्तर और सरगुजा संभाग में प्राथमिकता से लागू किया जाएगा, ताकि इन क्षेत्रों में कुपोषण को जड़ से खत्म किया जा सके।













