रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की शराब कर व्यवस्था को सरल और व्यावहारिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। वाणिज्यिक कर विभाग ने मदिरा पर लगने वाला 8.50 प्रतिशत वैट (VAT) पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी।
क्यों हटाया गया मदिरा से वैट टैक्स
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में शराब की बिक्री पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में होती है। मदिरा का क्रय-विक्रय और आपूर्ति छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से की जाती है।ऐसे में एक असामान्य स्थिति बन रही थी, जहां राज्य सरकार की ही एक कंपनी, दूसरी सरकारी इकाई को वैट टैक्स का भुगतान कर रही थी। इसे कर व्यवस्था में अनावश्यक दोहराव माना गया।
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सरल और तर्कसंगत टैक्स सिस्टम की पहल
अधिकारियों का कहना है कि कर संरचना को पारदर्शी और व्यावहारिक बनाने के लिए वैट टैक्स हटाना जरूरी था। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया सरल होगी और सरकारी लेन-देन में स्पष्टता आएगी।
कीमतों पर नहीं पड़ेगा असर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि वैट हटने के बावजूद शराब की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। उपभोक्ताओं को न तो राहत मिलेगी और न ही अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
हालांकि, एक्साइज टैक्स पहले की तरह लागू रहेगा।
पहले भी किए जा चुके हैं बदलाव
गौरतलब है कि इससे पहले राज्य सरकार विदेशी शराब पर लगने वाले 9.5 प्रतिशत अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को भी समाप्त कर चुकी है। साथ ही नई आबकारी नीति को मंजूरी देकर राजस्व और नियंत्रण प्रणाली को और मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।











