MP Vision Document 2047 : भोपाल: इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई मौतों और सैकड़ों लोगों के अस्पताल पहुंचने की घटना ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए राज्य की भाजपा सरकार और प्रशासनिक तंत्र पर तीखा प्रहार किया है। सिंघार ने इस पूरी घटना को सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया है।
सरकार के ‘विजन डॉक्यूमेंट’ पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक वीडियो बयान जारी कर सरकार की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में 17 दिसंबर 2025 को मध्य प्रदेश सरकार ने बड़े ताम-झाम के साथ एक ‘विजन डॉक्यूमेंट’ पेश किया था, जिसमें साल 2047 की गुलाबी तस्वीर दिखाई गई थी। सिंघार ने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ सरकार भविष्य के बड़े सपने दिखा रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के सबसे विकसित शहर इंदौर में जनता को पीने के लिए साफ पानी तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है।
दोषी अधिकारियों पर हो ‘कड़ी कार्रवाई’
सिंघार ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस पूरे मामले की तत्काल प्रभाव से उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि भागीरथपुरा में गंदे पानी की सप्लाई से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर केवल नाममात्र की नहीं, बल्कि कड़ी दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अब जनता की सेहत और सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इंदौर में दहशत का माहौल
इंदौर के प्रभावित इलाकों में दूषित पानी से हुई जनहानि के बाद जनता में भारी आक्रोश और दहशत है। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को चेतावनी दी है कि वह विजन डॉक्यूमेंट के कागजी दावों से बाहर निकलकर धरातल पर बिगड़ते हालातों को सुधारे। कांग्रेस इस मुद्दे को सदन से सड़क तक उठाने की तैयारी में है, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है।









