Tuesday, August 18, 2026
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Shopkeepers Protest : नगर पालिका की कार्रवाई पर सवाल : पुराने दुकानदार बेरोजगार, नए लोगों को दुकानें देने के प्रस्ताव पर नाराजगी

Shopkeepers Protest : बड़वानी। शहर के व्यस्ततम कोर्ट चौराहा क्षेत्र में पिछले चार दशकों से व्यापार कर रहे पुराने दुकानदारों के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। नगर पालिका परिषद द्वारा विस्थापित किए गए इन दुकानदारों ने मंगलवार को जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा। दुकानदारों की मांग है कि नगर पालिका द्वारा निर्मित नई दुकानों के आवंटन में उन्हें प्राथमिकता दी जाए, क्योंकि वे लंबे समय से बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं।

ज्ञापन सौंपने पहुंचे राजेश राठौड़, संजय सिंह सोलंकी और रमेशचंद्र गुप्ता सहित अन्य दुकानदारों ने बताया कि वे लगभग 40 वर्षों से कोर्ट चौराहा क्षेत्र में अपनी दुकानें संचालित कर रहे थे। नगर पालिका परिषद बड़वानी ने विकास और अन्य कारणों का हवाला देते हुए उन्हें वर्ष 2014 और फिर हाल ही में 14 नवंबर 2024 को नोटिस देकर बेदखल कर दिया। तब से ये दुकानदार किराए की छोटी दुकानों में जैसे-तैसे अपने परिवार का भरण-पोषण करने को मजबूर हैं।

व्यापारियों ने नगर पालिका प्रशासन पर भेदभाव का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रशासन ने कई पुरानी दुकानों को हटाकर उनकी जगह अन्य लोगों को लागत मूल्य पर दुकानें आवंटित कर दी हैं, जबकि मूल दुकानदारों को नजरअंदाज किया गया। दुकानदारों का आरोप है कि 23 दिसंबर 2025 को हुई पीआईसी (पार्षद परिषद) की बैठक में भी उनके हितों को ताक पर रखकर नए व्यक्तियों को दुकानें देने का प्रस्ताव पारित किया गया है।

प्रार्थियों ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि वे नगर पालिका और पीआईसी को स्पष्ट निर्देश दें कि दुकानों के आवंटन में पूर्व संचालकों को पहली प्राथमिकता दी जाए। उनका तर्क है कि नियमानुसार और मानवीय आधार पर सबसे पहला अधिकार उन लोगों का बनता है जिनकी दुकानें हटाकर नई संरचनाएं बनाई गई हैं। यदि उन्हें लागत मूल्य पर दुकानें नहीं दी गईं, तो उनके पास आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।

बड़वानी के इन व्यापारियों का कहना है कि वे वर्षों से नगर पालिका को नियमित शुल्क और टैक्स देते आए हैं, लेकिन जब सहायता की बारी आई तो उन्हें बेसहारा छोड़ दिया गया। वर्तमान में शहर के कई प्रमुख दुकानदार इस समस्या से जूझ रहे हैं और प्रशासन से न्यायोचित कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

कलेक्टर ने दुकानदारों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और मामले की उचित जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि नगर पालिका प्रशासन इन पुराने दुकानदारों की मांगों पर क्या रुख अपनाता है और क्या 23 दिसंबर के प्रस्ताव में कोई संशोधन किया जाता है।

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