Friday, September 4, 2026
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CBI’s grip tightens : 4 लाख की रिश्वत में फंसे असिस्टेंट कमिश्नर विवेक वर्मा और इंस्पेक्टर सचिन खरे, घर पर भी छापे

CBI’s grip tightens : जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में सीजीएसटी (सेंट्रल जीएसटी) विभाग में हुए बड़े घूसकांड में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। होटल कारोबारी से रिश्वत लेते पकड़े गए असिस्टेंट कमिश्नर विवेक वर्मा और इंस्पेक्टर सचिन खरे को आज विशेष सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से अदालत ने दोनों आरोपियों को 22 दिसंबर तक की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है। अब अगले तीन दिनों तक सीबीआई इन अधिकारियों से घूसखोरी के इस संगठित सिंडिकेट के बारे में कड़ी पूछताछ करेगी।

CBI’s grip tightens : इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब बुधवार शाम सीबीआई ने एक होटल कारोबारी की शिकायत पर जाल बिछाया था। कारोबारी से उसकी जीएसटी संबंधी समस्याओं के निपटारे के एवज में 10 लाख रुपये की मोटी रिश्वत मांगी गई थी। सौदेबाजी के बाद 4 लाख रुपये की पहली किश्त लेते हुए सीबीआई ने इंस्पेक्टर सचिन खरे और असिस्टेंट कमिश्नर विवेक वर्मा को रंगे हाथों दबोच लिया था। हालांकि, इस मामले के तीसरे आरोपी और सीजीएसटी कार्यालय के अधीक्षक मुकेश बर्मन गिरफ्तारी के डर से कल शाम से ही फरार हैं, जिनकी तलाश में सीबीआई की टीमें जगह-जगह दबिश दे रही हैं।

CBI’s grip tightens : सीबीआई की टीम ने गिरफ्तार अधिकारियों से रात भर पूछताछ की और इसके बाद उनके निजी आवासों पर भी छापेमारी की। घर की तलाशी के दौरान सीबीआई को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य मिले हैं, जो विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार की पोल खोल सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई की जांच की आंच अब सीजीएसटी ऑफिस के कुछ अन्य बड़े अधिकारियों तक भी पहुँच सकती है, क्योंकि रिमांड के दौरान आरोपियों से अन्य संदिग्धों के नाम सामने आने की संभावना है।

CBI’s grip tightens : सीबीआई के डीएसपी ए.के. मिश्रा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। होटल कारोबारी पर विभागीय दबाव बनाकर अवैध वसूली की जा रही थी। सीबीआई अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इससे पहले भी इन अधिकारियों ने अन्य व्यापारियों को अपना निशाना बनाया है। कोर्ट द्वारा रिमांड मिलने के बाद अब सीबीआई आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करेगी ताकि फरार अधीक्षक मुकेश बर्मन के ठिकाने और इस घोटाले की तह तक पहुँचा जा सके।

CBI’s grip tightens : इस कार्रवाई के बाद से ही जबलपुर के सीजीएसटी कार्यालय और अन्य केंद्रीय विभागों में हड़कंप मचा हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से ईमानदार करदाताओं में विश्वास जगेगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। फिलहाल, शहर में इस ‘हाई प्रोफाइल’ घूसकांड की चर्चा जोरों पर है।

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