Drugs worth ₹48 crore seized : नई दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) पर कस्टम विभाग के अधिकारियों ने नशीले पदार्थों की तस्करी के एक बड़े प्रयास को विफल कर दिया है। यह कार्रवाई बैंकॉक से आने वाली फ्लाइट नंबर टीजी-323 से 11 दिसंबर 2025 को टर्मिनल-3 पर पहुंचे छह भारतीय यात्रियों के खिलाफ की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त किए गए गांजे/मारिजुआना की अनुमानित कीमत करीब ₹48.01 करोड़ आंकी गई है।
ट्रॉली बैग्स में छिपाकर लाए थे 48 किलो ड्रग्स
कस्टम अधिकारियों को ग्रीन चैनल पर इन छह यात्रियों की गतिविधियों पर संदेह हुआ, जिसके बाद उन्हें रोका गया। संदेह के आधार पर जब उनके सामान को एक्स-रे मशीन से स्कैन किया गया और उनकी व्यक्तिगत तलाशी ली गई, तो उनके ट्रॉली बैग्स (दो ग्रे, एक हरे और एक टील रंग के) की गहन जांच में कुल 24 पॉलिथीन पाउच बरामद हुए।
इन पाउचों के अंदर हरे रंग का नशीला पदार्थ पाया गया, जिसे प्राथमिक जांच में गांजा/मारिजुआना बताया गया। तौलने पर इस पदार्थ का शुद्ध वजन 48.016 किलोग्राम निकला। कस्टम अधिकारियों के अनुसार, यह बड़ी खेप अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब ₹48.01 करोड़ रुपये की कीमत रखती है।
NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार
मौके पर की गई प्रारंभिक जांच से यह पुष्टि हो गई कि बरामद किया गया पदार्थ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत प्रतिबंधित गांजा/मारिजुआना है। जांच के दौरान यह सामने आया कि सभी छह यात्रियों ने एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 8 का उल्लंघन किया है। उन पर धारा 20, 23 और 29 के तहत अपराध करने का मामला बनता है, जो मादक पदार्थों के अवैध कब्जे, तस्करी और आपराधिक साजिश से संबंधित हैं।
कस्टम अधिकारियों ने इसके बाद सभी छह यात्रियों को 12 दिसंबर 2025 को दोपहर 1:05 बजे से 1:30 बजे के बीच एनडीपीएस एक्ट की धारा 43(बी) के तहत गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, बरामद किए गए नशीले पदार्थ, उन्हें छिपाने में इस्तेमाल किए गए बैग और पैकिंग सामग्री को धारा 43(ए) के तहत जब्त कर लिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की तलाश जारी
फिलहाल इस पूरे मामले में आगे की जांच जारी है। कस्टम विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि इस तस्करी के पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा है और क्या इसमें कोई अंतरराष्ट्रीय गिरोह भी शामिल है। कस्टम विभाग की यह कार्रवाई देश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है।











