मुंबई: बॉलीवुड की पूर्व अभिनेत्री जायरा वसीम ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला का हिजाब खींचने वाले वायरल वीडियो पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने बिना शर्त माफी की मांग की है और कहा कि किसी महिला की गरिमा और मर्यादा को सार्वजनिक मंच पर खिलौना नहीं समझा जाना चाहिए।
हिजाब खींचने पर जायरा वसीम का गुस्सा
जायरा वसीम ने अपने पोस्ट में लिखा कि किसी महिला की गरिमा को इस तरह लांछित करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, “एक मुस्लिम महिला होने के नाते, किसी दूसरी महिला के नकाब को इतनी लापरवाही से खींचे जाते देखना और उसके साथ उस बेपरवाह मुस्कान को देखना, बेहद गुस्सा दिलाने वाला था। सत्ता आपको यह परमिशन नहीं देती कि आप सीमा का उल्लंघन कर दें।”
घटना का पूरा परिदृश्य
यह घटना पटना में 15 दिसंबर को हुई, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 1000 आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र दे रहे थे। महिला हिजाब पहनकर नियुक्ति पत्र लेने पहुंची, तो मुख्यमंत्री ने पहले सवाल किया, “ये क्या है?” और फिर उसका हिजाब खींच दिया। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई।
शर्मनाक!
एक महिला डॉक्टर का हिजाब खींचना उसकी गरिमा और धार्मिक पहचान पर सीधा हमला है।
जब राज्य का मुख्यमंत्री ऐसा करे, तो महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठना लाज़मी है। pic.twitter.com/NY7lfsCIn6
— Iqra Hasan (@IqraMunawwar_) December 15, 2025
जायरा वसीम की धार्मिक मान्यताएं
जायरा वसीम ने फिल्म ‘दंगल’ से बॉलीवुड में शुरुआत की थी। 30 जून 2019 को उन्होंने इंडस्ट्री छोड़ने की घोषणा की। उनकी वजह थी अपनी धार्मिक मान्यताओं का पालन। सोशल मीडिया पर उनकी हिजाब वाली तस्वीरें वायरल हो चुकी हैं।
सवाल उठता है राजनीतिक जिम्मेदारी का
इस घटना ने राज्य के मुख्यमंत्री की सार्वजनिक मंच पर महिलाओं के प्रति व्यवहार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। आलोचक पूछ रहे हैं कि क्या राजनीतिक पद पर होने के नाते किसी महिला की निजता और धार्मिक मान्यताओं का उल्लंघन स्वीकार्य है?













