Saturday, August 15, 2026
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Congress leader dies : जेल में कांग्रेस नेता की संदिग्ध मौत : जेलर हटाई गईं, आदिवासी समाज ने शव लेने से किया इंकार

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Congress leader dies : कांकेर। रायपुर सेंट्रल जेल में बंद सर्व आदिवासी समाज के पूर्व जिला अध्यक्ष और कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर की संदिग्ध मौत ने पूरे जिले में उबाल ला दिया है। बढ़ते विरोध, आरोपों और जनआक्रोश के बीच बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए कांकेर जिला जेल की जेलर को हटा दिया गया है। हालांकि यह कार्रवाई आदिवासी समाज को पर्याप्त नहीं लग रही।

घटना के बाद आदिवासी समाज के प्रतिनिधि और मृतक के परिजन भारी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे और कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कहा कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक शव नहीं लिया जाएगा, न ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।

Congress leader dies : परिवार और समाज के गंभीर आरोप

परिजनों के अनुसार, जीवन ठाकुर को 12 अक्टूबर 2025 को जमीन विवाद के मामले में गिरफ्तार कर कांकेर जिला जेल में रखा गया था।
लेकिन 2 दिसंबर को उन्हें अचानक, बिना किसी सूचना के, रायपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया।

परिवार का आरोप है—

  • ट्रांसफर की जानकारी नहीं दी गई।

  • तबीयत बिगड़ने की सूचना भी छिपाई गई।

  • गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करने की सूचना भी दिनभर छुपाई गई।

बताया गया कि 4 दिसंबर की सुबह 4:20 बजे उन्हें मेकाहारा, रायपुर में भर्ती कराया गया, जहां सुबह 7:45 बजे उनकी मौत हो गई। सबसे हैरान करने वाली बात—परिवार को घटना की जानकारी शाम 5 बजे दी गई।

आदिवासी समाज ने आरोप लगाया कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि संदिग्ध मौत है। समाज ने हत्या की आशंका भी जताई है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

Congress leader dies : जेल प्रशासन का दावा

रायपुर सेंट्रल जेल अधीक्षक योगेश कुमार क्षत्री ने कहा कि जीवन ठाकुर की तबीयत गंभीर होने पर उन्हें रायपुर रेफर किया गया था और इलाज के दौरान उनकी मौत हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों के अनुसार दंडाधिकारी जांच कराई जाएगी।

Congress leader dies : आदिवासी समाज का कड़ा अल्टीमेटम

कलेक्ट्रेट में जुटे समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी—
“जब तक संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक शव नहीं लिया जाएगा।”

अभी कलेक्ट्रेट, कांकेर और अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन सतर्क है। चूंकि मामला राजनीतिक और सामाजिक रूप से बेहद संवेदनशील है, पूरे राज्य की नजर आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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