Virendra and Rohit Tomar : रायपुर : सूदखोर वीरेंद्र और रोहित तोमर मामले में अब हनी-ट्रैप गैंग का खुलासा हुआ है। आरोप है कि दोनों भाई कारोबारियों की रेकी करवाते, फिर अपने गैंग के लोग उनसे दोस्ती कर उन्हें नशे की लत लगाते थे। होटलों-पब में ले जाकर अश्लील वीडियो बनाते और फिर उसी के जरिए ब्लैकमेल करना शुरू कर देते थे। इसी बहाने सूदखोरी और वसूली का उनका धंधा चलता था।
Virendra and Rohit Tomar : इसी कड़ी में रायपुर के एक सराफा कारोबारी के हनी-ट्रैप में फंसने का मामला सामने आया है। उसके माता-पिता, पत्नी और भाई को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर उससे एक साल में करीब डेढ़ करोड़ रुपए वसूल लिए गए। शुरुआत रोजाना 5 हजार रुपए से हुई थी, जो बढ़ते-बढ़ते 2 लाख रुपए प्रतिदिन तक पहुंच गई। ऐसे कई और पीड़ित होने की आशंका है, पर वे बदनामी और जान के खतरे के डर से सामने नहीं आ रहे।
पीड़ित की कहानी: कैसे हुआ जाल में शिकार
व्यापारी ने बताया कि 2017 में वह समता कॉलोनी के एक स्पा सेंटर जाता था, वहीं उसकी दोस्ती बाउंसर राज आर्यन से हुई। राज उसे बार, पब ले जाने लगा। शराब पिलाकर होटल और फ्लैट में लड़कियों के साथ उसके वीडियो बनाए। फिर 25 हजार मांगकर ब्लैकमेलिंग शुरू की। बाद में 5-5 लाख की डिमांड होने लगी।
जब व्यापारी ने पैसे देने से मना किया तो उसे वीरेंद्र और रोहित के पास ले जाया गया। दोनों ने 5 लाख के लोन पर 25% रकम काटकर 3.25 लाख दिए और 100 दिन में 5 हजार रुपए प्रतिदिन चुकाने को कहा। ब्लैंक चेक, स्टाम्प और हुंडी पर साइन भी करवाए गए। बाद में रकम बढ़ाकर 2 लाख रुपए प्रतिदिन कर दी गई।
Virendra and Rohit Tomar : व्यापारी को दुकान से चोरी करनी पड़ी, घरवालों के गहने बेच दिए और लगभग 6 किलो सोना भी वसूली में चला गया। जब बर्दाश्त से बाहर हो गया तो परिवार को बताया और कोतवाली में एफआईआर करवाई। वह आज भी डर के साये में जी रहा है और कहा कि तोमर गैंग उसे नुकसान पहुंचा सकता है।
तोमर भाइयों की संपत्ति और कार्रवाई
भाठागांव में उनका 10 करोड़ से ज्यादा कीमत का आलिशान घर है। पुलिस इस संपत्ति और अन्य जमीनों की जांच कर रही है। आरोप है कि कई सौदे गाइडलाइन दर से कम में कराए गए और लेन-देन में गड़बड़ी हुई है।
स्थिति और पुलिस की कार्रवाई
Virendra and Rohit Tomar : पांच महीने में आठ नए केस दर्ज हुए हैं और पहले से 17 मामले लंबित हैं। वीरेंद्र तोमर को 9 नवंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। रोहित तोमर अभी भी फरार है। एडिशनल एसपी लखन पटले का कहना है कि शिकायतें मिल रही हैं और हर मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।











