C.G News : जमीन गाइडलाइन पर आया वित्त मंत्री ओपी चौधरी का बड़ा बयान! शराब, कोयला और महादेव सट्टा से जोड़ा कांग्रेस का नाम

Rahul Goshwami
ओपी चौधरी

रायपुर: राज्य सरकार और विपक्ष के बीच जमीन खरीदी-बिक्री की गाइडलाइन दर में बढ़ोतरी को लेकर जारी विवाद अब और गर्म हो गया है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस मामले में विपक्ष पर सीधे हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के लोग पिछली सरकारों में शराब, कोयला और महादेव सट्टा के पैसे जमीन में निवेश कर इसे इकट्ठा करने का काम कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की कोशिश थी कि गाइडलाइन दर कम रखी जाए, ताकि कुछ लोग निजी लाभ उठा सकें।

इस बाबत मंत्री ओपी चौधरी ने कहा, “जमीन के गाइडलाइन रेट में बदलाव न करने के पीछे कांग्रेस की बड़ी साजिश थी। अगर कहीं कोई त्रुटि हो गई है, तो उसे तुरंत सुधार लिया जाएगा। लेकिन जहां जमीन का अधिग्रहण होता है, वहां गाइडलाइन रेट कम होने से सीधे तौर पर किसानों को नुकसान होता है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह केवल मध्यमवर्गीय परिवारों के होम लोन सुविधा तक सीमित मुद्दा नहीं है, बल्कि किसानों और समग्र रियल एस्टेट सुधार के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने यह बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है, जिसका लाभ राज्य की जनता और राज्य की अर्थव्यवस्था दोनों को होगा। उन्होंने बताया कि गाइडलाइन दर बढ़ाने से जमीन खरीदने और बेचने की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।

इस मुद्दे पर अब विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से निवेशकों को अधिक सुरक्षित और सही मूल्य पर जमीन मिल सकेगी। वहीं, किसानों को उचित मुआवजा और लाभ मिलेगा। इससे प्रदेश में रियल एस्टेट के लेन-देन में नियमितता आएगी और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।

छत्तीसगढ़ सरकार का यह निर्णय राज्य की आर्थिक योजनाओं और भूमि नीति में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है। राज्य के नागरिकों और निवेशकों के लिए यह स्पष्ट संकेत है कि भूमि लेन-देन में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार गंभीर है।

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