Mittal Hospital : रायपुर के मित्तल अस्पताल पर बड़ा विवाद : आयुष्मान योजना में अवैध वसूली, दो ‘गुंडे’ हिरासत में

VIKASH KHALKHO

Mittal Hospital : रायपुर : राजधानी रायपुर स्थित मित्तल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। अस्पताल प्रबंधन पर आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के तहत गंभीर वित्तीय अनियमितताओं, अवैध वसूली और मरीज के परिवार को मानसिक प्रताड़ना देने के आरोप लगे हैं। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अस्पताल द्वारा कथित तौर पर भेजे गए तीन लोगों में से दो को हिरासत में लिया है।

Mittal Hospital :  आयुष्मान योजना में अवैध वसूली का आरोप
जशपुर जिले की आदिवासी निवासी मरीज की भांजी नुपुर एक्का नामक युवती ने अस्पताल प्रबंधन पर ये गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, अस्पताल ने आयुष्मान कार्ड से ₹3 लाख से अधिक की राशि ब्लॉक कर दी, जबकि उतनी ही रकम नकद में भी वसूल की गई, जिसकी कोई बिलिंग या रसीद नहीं दी गई। पीड़िता का आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारियों ने उन पर यह कहकर दबाव बनाया कि “आयुष्मान कार्ड की सीमा खत्म हो गई है,” जबकि योजना के तहत मरीज का इलाज पूर्णतः निःशुल्क होना चाहिए था।जनता से रिश्ता की खबर का असर, मित्तल अस्पताल के 2 गुंडे गिरफ्तार

पीड़िता ने अपनी शिकायत में जिन लोगों पर आरोप लगाए हैं, उनमें शामिल हैं:

  • डॉ. आशीष मित्तल (निदेशक)
  • डॉ. सुमन मित्तल (चिकित्सक)
  • आशीष अग्रवाल (प्रबंधक)

इन पर आरोप है कि इन्होंने मिलकर मरीज से झूठे बहाने बनाकर ₹3 लाख से ज्यादा की नकद वसूली की। इसके अलावा, सरकारी दवाइयों को निजी फार्मेसी से बेचने और मरीज के परिवार को डराने-धमकाने के भी आरोप हैं।

Mittal Hospital : धमकाने के प्रयास में दो लोग हिरासत में
यह विवाद तब और गहरा गया जब पीड़ित पक्ष को धमकाने और डराने-चमकाने की खबरें सामने आईं। पीड़ित के एक रिश्तेदार, जो इस मामले में पीड़ितों का साथ दे रहे हैं, उन्हें 10 नवंबर को एक कोरियर बॉय के कॉल से न्यू राजेंद्र नगर के पास बुलाया गया। इसकी सूचना मिलते ही न्यू राजेंद्र नगर थाना प्रभारी अविनाश सिंह ने तत्काल कार्रवाई की और कोरियर बॉय को थाने बुलाया।

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कोरियर बॉय ने पुलिस को बताया कि तीन अज्ञात लोगों ने उसे रोककर उसका मोबाइल लिया था और पीड़ित पक्ष के रिश्तेदार से बात की थी। पीड़ित पक्ष के रिश्तेदार की सूझबूझ और इस खबर की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अस्पताल द्वारा कथित रूप से भेजे गए तीन लोगों में से दो को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अब इन दोनों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उन्हें किसने भेजा था और अवैध वसूली में अस्पताल प्रबंधन की क्या भूमिका थी।

Mittal Hospital : क्षेत्राधिकार को लेकर प्रारंभिक विवाद
पीड़ित पक्ष ने न्यू राजेंद्र नगर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए अपहरण, धमकाने व मारपीट की आशंका जताई। शुरुआती दौर में थाने के एक अधिकारी ने क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) का हवाला देते हुए कार्रवाई से इनकार कर दिया था और पीड़ित को पंडरी थाने में शिकायत करने को कहा था। हालांकि, थाना प्रभारी अविनाश सिंह ने मामले की गंभीरता को समझा और कार्रवाई की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य मामला पंडरी थाना क्षेत्र का है, जबकि धमकी देने के लिए कॉल करने की घटना उनके थाना क्षेत्र की है। पुलिस द्वारा दो संदिग्धों को हिरासत में लेना इस मामले में बड़ी प्रगति को दर्शाता है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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