Madvi Hidma Encounter : सुकमा हैदराबाद। छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश की सीमा पर सुरक्षाबलों को आज एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। देश के सबसे कुख्यात और वांछित माओवादी कमांडर माडवी हिड़मा (43) को आंध्र प्रदेश पुलिस के एक विशेष ऑपरेशन में 6 अन्य माओवादियों के साथ मार गिराया गया है।
Madvi Hidma Encounter : हिड़मा, जिस पर ₹1 करोड़ का इनाम था, वह आतंक का वह नाम था जिसने छत्तीसगढ़ में कम से कम 26 बड़े सशस्त्र हमलों की साजिश रची और उन्हें अंजाम दिया। सुरक्षाबलों ने इसे आंध्र प्रदेश के अल्लुरी सीताराम राजू (ASR) जिले के मारेडुमिल्ली इलाके में मार गिराया।
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हिड़मा का खूनी रिकॉर्ड
माडवी हिड़मा का जन्म 1981 में छत्तीसगढ़ के सुकमा के पुवर्ती इलाके में हुआ था। वह सीपीआई (माओवादी) की सबसे घातक हमला इकाई, पीएलजीए बटालियन नंबर 1 का प्रमुख था। उसे सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सबसे कम उम्र का सदस्य होने का भी दर्जा प्राप्त था और वह बस्तर क्षेत्र का एकमात्र आदिवासी केंद्रीय समिति सदस्य था। हिड़मा ने जिन सबसे बड़े और जघन्य हमलों को अंजाम दिया, वे इस प्रकार हैं:
| वर्ष | हमला | हताहत |
| 2010 | दंतेवाड़ा हमला | 76 CRPF जवान शहीद |
| 2013 | झीरम घाटी नरसंहार | 27 लोग मारे गए, जिनमें कांग्रेस के शीर्ष नेता शामिल |
| 2021 | सुकमा–बीजापुर एम्बुश | 22 सुरक्षा बलों के जवान शहीद |
ऑपरेशन की जानकारी
आंध्र प्रदेश के डीजीपी हरीश कुमार गुप्ता ने पुष्टि की कि अल्लुरी सीताराम राजू जिले के मारेडुमिल्ली में सुबह 6 से 7 बजे के बीच पुलिस और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें एक शीर्ष माओवादी नेता समेत छह माओवादी मारे गए।
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सूत्रों के अनुसार, मारे गए माओवादियों में हिड़मा की दूसरी पत्नी राजे उर्फ राजक्का भी शामिल है। हिड़मा की मौत को सुरक्षा एजेंसियां बस्तर में माओवादी नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक सफलता मान रही हैं, जिससे इस क्षेत्र में माओवादी हिंसा पर लगाम लगने की उम्मीद है। इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान (कॉम्बिंग ऑपरेशन) जारी है।













