Saturday, August 15, 2026
Home Madhya Pradesh Singrauli News : राखड़ परिवहन से उड़ रही ज़हरीली धूल, बधौरा मुख्य...

Singrauli News : राखड़ परिवहन से उड़ रही ज़हरीली धूल, बधौरा मुख्य मार्ग बना “यमराज रोड”…

0
154
Singrauli News
Singrauli News

Singrauli News : सिंगरौली | सिंगरौली मध्य प्रदेश का ऊर्जा नगरी कहलाने वाला सिंगरौली जिला आज औद्योगिक विकास की कीमत अपने पर्यावरण और जनस्वास्थ्य से चुका रहा है। जिले में स्थित प्रमुख ऊर्जा उत्पादन कंपनियां एनटीपीसी, एनसीएल, रिलायंस, अदानी और अन्य निजी पावर कंपनियों से निकलने वाली राख (फ्लाई ऐश) का परिवहन अब स्थानीय लोगों के लिए अभिशाप बन चुका है। बधौरा मुख्य मार्ग, जो कि कई ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है, आज “यमराज रोड” के नाम से कुख्यात हो गया है। इस मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में राखड़ परिवहन करने वाले भारी वाहन गुजरते हैं, जिनसे निकलने वाली राख की धूल और प्रदूषण ने आसपास के गांवों का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।

Singrauli News : राख के धूल से ढका बधौरा मुख्य मार्ग…

Singrauli News : राखड़ परिवहन के दौरान ट्रकों को ढकने की व्यवस्था नहीं की जाती। अधिकांश वाहनों में ढक्कन या कवर लगाने के बजाय खुली राख को सीधे ढोया जा रहा है। तेज हवा और कंपन से उड़ती राख सड़क किनारे खेतों, घरों और पेयजल स्रोतों तक पहुंच रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि “हम रोज़ राख की धूल में सांस ले रहे हैं। सुबह-शाम सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है। बच्चे और बुजुर्ग खांसी, दम और आंखों में जलन की शिकायत करते हैं।”

READ MORE : Satara Doctor Suicide : 4 बार रेप, फेक सर्टिफिकेट और…अब 4 पेज के नोट में सांसद का नाम, लेडी डॉक्टर सुसाइड केस में नया मोड़

नियमों की अनदेखी, प्रशासन मौन…

पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और परिवहन सुरक्षा नियमों के तहत राख परिवहन करने वाले वाहनों को पूरी तरह ढका हुआ होना चाहिए, साथ ही राख का परिवहन केवल स्वीकृत मार्गों से किया जा सकता है। लेकिन सिंगरौली में यह नियम सिर्फ़ कागज़ों तक सीमित है। बधौरा मुख्य मार्ग से राखड़ परिवहन लगातार हो रहा है, बावजूद इसके खनिज विभाग, परिवहन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। बधौरा, परसौना ,हर्रई, चितरंगी और आसपास के ग्रामीणों में इस प्रदूषण को लेकर गहरा आक्रोश है।

ग्रामीणों का कहना है कि राख के कारण खेती की जमीन पर राख की परत जमने से फसल उत्पादन प्रभावित हो रहा है। “गांव की सड़कें राख में बदल गई हैं, पानी पीने लायक नहीं बचा और सांस लेना मुश्किल हो गया है,”डॉक्टरों के मुताबिक राख की महीन धूल में सिलिका और अन्य विषैले कण पाए जाते हैं जो फेफड़ों, आंखों और त्वचा के लिए अत्यंत हानिकारक हैं। सिंगरौली जिले के कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में श्वसन संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

READ MORE : Recruitment of 5000 teachers : छत्तीसगढ़ में 5000 शिक्षकों की भर्ती को मिली मंजूरी: वित्त विभाग ने दी हरी झंडी, जानिए कब होगी नियुक्ति

कंपनियों की लापरवाही या प्रशासनिक सांठगांठ?

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कंपनियों और प्रशासन के बीच मिलीभगत के कारण यह अवैध राख परिवहन वर्षों से जारी है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। कई बार शिकायतों के बावजूद केवल औपचारिक जांच कर फाइलें बंद कर दी जाती हैं।

ग्रामीणों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से निम्नलिखित मांगें रखी हैं…

1. बधौरा मार्ग से राख परिवहन पर तुरंत रोक लगाई जाए।

2. सभी राख परिवहन वाहनों को कवर से ढकना अनिवार्य किया जाए।

3. नियम तोड़ने वाली कंपनियों और ठेकेदारों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो।

4. प्रभावित गांवों में नियमित जल छिड़काव और स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएं।

ऊर्जा उत्पादन के नाम पर सिंगरौली की धरती पर जो राख फैल रही है, वह केवल पर्यावरण नहीं बल्कि इंसानी ज़िंदगी को भी निगल रही है। बधौरा मुख्य मार्ग आज “यमराज रोड” इसलिए नहीं कहलाता कि वहां कोई दुर्घटना हुई — बल्कि इसलिए कि वहां से गुजरना धीरे-धीरे मौत को दावत देने जैसा हो गया है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here