Kabul News : काबुल/इस्लामाबाद: अफगानिस्तान के उप आंतरिक मंत्री और तालिबान नेता मौलवी मोहम्मद नबी ओमारी ने पाकिस्तान को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। उनका कहना है कि अगर पाकिस्तानी सेना को “आक्रमणकारी” घोषित कर दिया गया तो अफगान जनता और कबीलें उन्हें “इंडियन बॉर्डर तक” पीछे कर सकती हैं। ओमारी ने कहा, “यदि अफगानी कबीले और राष्ट्र धार्मिक फतवे के जरिए आपको आक्रमणकारी घोषित कर दें, तो अल्लाह की कसम आप इंडियन बॉर्डर तक भी सुरक्षित नहीं रहेंगे।”
Kabul News : यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल के दिनों में दोनों देशों की सीमा पर झड़पें तेज हुई हैं और कई सैनिक व नागरिक हताहत हुए हैं। इन घटनाओं के बाद कतर और तुर्की की मध्यस्थता में दोनों पक्षों के बीच दोहा में वार्ता हुई और अस्थायी संघर्षविराम पर सहमति बनी, लेकिन तनाव पूरी तरह शांत नहीं हुआ है।
Kabul News : ओमारी ने अपने बयान में पाकिस्तान की सिविल और सैन्य नेतृत्व पर भी निशाना साधा और उन पर विदेशी दबावों के अनुरूप व्यवहार करने का आरोप लगाया। उनकी यह तीखी भाषा क्षेत्रीय स्तर पर चिंता का कारण बनी है।
Kabul News : हालिया सीमा संघर्षों में दोनों तरफ मौतों और जान-माल के नुकसान की खबरें आई हैं। अफगानिस्तान और पाकिस्तान ने एक-दूसरे पर हमलों व एयर स्ट्राइक्स का आरोप लगाया है, जिससे स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और मानवाधिकारों की रक्षा की अपील की है।
Kabul News : दोहा में हुई बातचीत के बाद मध्यस्थों ने अस्थायी संघर्षविराम को अहम बताया और सीमा निगरानी व संपर्क चैनलों को मजबूत करने की बात कही ताकि आगे तनाव कम हो सके।
Kabul News : ओमारी के बयान में “इंडियन बॉर्डर” का उल्लेख क्षेत्रीय कूटनीतिक माहौल को संवेदनशील बना देता है। ऐसे शब्द तीसरे पक्ष के रूप में भारत की सतर्कता बढ़ा सकते हैं और सीमा-स्थिरता पर अनिश्चितता बढ़ा सकते हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि कूटनीतिक संवाद और तृतीय पक्ष की मध्यस्थता को सक्रिय रखा जाना चाहिए ताकि प्रेरणा स्पष्ट हो और अफवाहें व दुष्प्रचार रोके जा सकें।













