पश्चिमी सिंहभूम। झारखंड के सरंडा जंगल में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी धमाकों में घायल हुए सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल महेंद्र लश्कर की इलाज के दौरान मौत हो गई है। असम निवासी लश्कर राउरकेला (ओडिशा) के अस्पताल में उपचार के दौरान शहीद हुए। घटना शुक्रवार शाम जाराईकेला थाना क्षेत्र के बाबूडीह इलाके में हुई थी।
पुलिस के मुताबिक, यह धमाके सीपीआई (माओवादी) के ‘रेजिस्टेंस वीक’ के दौरान किए गए थे। इस घटना में एक इंस्पेक्टर और एक एएसआई भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने जंगल के रास्तों में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए पहले से विस्फोटक लगाए थे।
धमाके के बाद इलाके में सुरक्षाबलों ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया। झारखंड पुलिस ने पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। माओवादियों का “रेजिस्टेंस वीक” 8 अक्टूबर से शुरू हुआ है, जो 15 अक्टूबर तक चलेगा।
आईजी (ऑपरेशंस) माइकल राज ने बताया कि राज्य में सुरक्षा को देखते हुए सीआरपीएफ की 12 बटालियन, झारखंड आर्म्ड पुलिस (JAP) और इंडिया रिजर्व बटालियन (IRB) की 20 टीमों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल किसी भी संभावित हमले से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर हैं।
शहीद महेंद्र लश्कर के परिवार को सूचना दे दी गई है और प्रशासन ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।












