कोलकाता। कोलकाता के मशहूर संतोष मित्रा स्क्वायर दुर्गा पूजा पंडाल इस बार राजनीतिक विवाद के घेरे में आ गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 26 सितंबर को इस पंडाल का उद्घाटन किया था। इस साल इसका थीम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रखा गया है, जो अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद भारत की एयरस्ट्राइक को समर्पित है। आयोजकों का कहना है कि यह थीम देशभक्ति और शहीदों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से चुना गया है।
उद्घाटन के एक दिन बाद ही विवाद खड़ा हो गया। पूजा समिति के महासचिव और बीजेपी पार्षद सजल घोष ने कोलकाता पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर साजिश रच रही है और पंडाल में आने वाले लोगों को परेशान कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस सड़क पर बैरिकेड लगाकर भीड़ को दूसरी ओर मोड़ रही है, ताकि दर्शक पंडाल तक न पहुंच सकें।
सजल घोष का कहना है कि पिछले तीन वर्षों की तरह इस बार भी यहां रिकॉर्ड संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। लेकिन इस बार पुलिस लगातार नए-नए निर्देश और नोटिस जारी कर रही है। उन्होंने बताया कि पंडाल के साउंड एंड लाइट शो संभाल रही राजस्थान की कंपनी को भी नोटिस भेजा गया है, जिसमें लाइसेंस, जीएसटी दस्तावेज और परमिट की मांग की गई है।
इस विवाद पर बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी राज्य सरकार और कोलकाता पुलिस पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ममता बनर्जी सरकार दुर्गा पूजा जैसे धार्मिक आयोजन में अड़चन पैदा कर रही है। मालवीय ने चेतावनी दी कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो आयोजक दशमी से पहले ही मूर्ति विसर्जन करने को मजबूर हो सकते हैं।
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वहीं, कोलकाता पुलिस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सियालदह और मेट्रो स्टेशन के रास्ते हर घंटे 70 से 80 हजार लोग पंडाल तक पहुंच रहे हैं। पंडाल के सामने तीन मिनट का ऑडियो-विजुअल शो चलने के कारण लोग वहां रुक जाते हैं, जिससे भारी भीड़ जमा हो रही है। पुलिस के मुताबिक, भगदड़ जैसी स्थिति से बचने के लिए बैरिकेड और डायवर्जन लगाए गए हैं।
संतोष मित्रा स्क्वायर कोलकाता का सबसे लोकप्रिय दुर्गा पूजा पंडाल माना जाता है। पिछले साल यहां अयोध्या राम मंदिर थीम बनाई गई थी, जबकि इस बार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम ने न केवल भक्तों का ध्यान खींचा है बल्कि राजनीतिक बहस भी छेड़ दी है।













