कसहीकला (बालोद)। प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य था कि कोई गरीब बेघर न रहे, लेकिन बालोद जिले के कसहीकला गांव की बुजुर्ग महिला फूल कुंवर ठाकुर अब तक इससे वंचित हैं। बरसात के दौरान उनका कच्चा घर पानी से भर गया, जिससे खाने-पीने का सामान और बिस्तर सब खराब हो गया।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत और प्रशासन के अधिकारियों को कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक किसी ने उनकी मदद नहीं की। वहीं पंचायत स्तर पर भी इस महिला की समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
महिला ने बताया कि प्रशासन बैठकों और रिपोर्टों में अपनी उपलब्धियां गिनाता है, मगर ज़मीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। “प्रधानमंत्री आवास योजना सिर्फ ढकोसला साबित हो रही है,” उन्होंने कहा।
इस मामले पर पंचायत सरपंच ममता साहू का कहना है कि गांव में कई लोगों को योजना का लाभ दिया गया है, लेकिन कुछ पात्र लोग अब भी वंचित रह गए हैं। प्रशासन को इस दिशा में शीघ्र पहल करनी चाहिए।
ग्रामीणों का मानना है कि सबसे अधिक जरूरतमंद तक योजनाएं नहीं पहुंच पा रही हैं और व्यवस्था केवल कागज़ी दावों तक सीमित है।













