रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश भर में वित्तीय अनियमितता और नियमों का पालन न करने वाले 334 पंजीकृत गैरमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (RUPPs) पर बड़ी कार्रवाई शुरू की है। इसी कड़ी में, छत्तीसगढ़ राज्य के 9 और राजनीतिक दलों को रजिस्टर्ड पार्टियों की सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ECI के निर्देश पर, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा इन दलों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 09 अक्टूबर, 2025 को सुनवाई के लिए बुलाया गया है।
क्यों हो रही है दलों पर कार्रवाई?
यह कार्रवाई उन राजनीतिक दलों पर की जा रही है, जिन्होंने तीन मुख्य नियमों का उल्लंघन किया है:
- लेखापरीक्षित खाते जमा न करना: दिसंबर 2018 तक पंजीकृत दलों ने पिछले 03 वित्तीय वर्षों (2021-22, 2022-23 और 2023-24) के अपने वार्षिक लेखापरीक्षित खाते निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा नहीं किए हैं।
- चुनावी व्यय रिपोर्ट में देरी: चुनाव लड़ने के बाद विधानसभा चुनावों के लिए 75 दिन और लोकसभा चुनावों के लिए 90 दिन की निर्धारित समय सीमा के भीतर व्यय रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई।
छत्तीसगढ़ में अब तक 25 दल निशाने पर
यह कार्रवाई का तीसरा चरण है। इससे पहले, ECI ने दो चरणों में 16 गैरमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को ‘डीलिस्टेड RUPPs’ के रूप में चिन्हित किया था। अब तीसरे चरण में 9 और दल आयोग के निशाने पर आ गए हैं, जिन्हें सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया गया है।
नोटिस जारी किए गए 09 दल (RUPPs):
- भारत भूमि पार्टी (जांजगीर-चांपा)
- भारतीय जनता सेक्युलर पार्टी (कोरबा)
- भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा (दुर्ग)
- छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच (दुर्ग)
- छत्तीसगढ़ विकास गंगा राष्ट्रीय पार्टी (कोरिया)
- छत्तीसगढ़ी समाज पार्टी (रायपुर)
- छत्तीसगढ़िया पार्टी (कोरबा)
- पिछड़ा समाज पार्टी यूनाइटेड (दुर्ग)
- राष्ट्रीय गोंडवाना पार्टी (बिलासपुर)
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय इन दलों की सुनवाई के बाद अपनी रिपोर्ट भारत निर्वाचन आयोग को भेजेगा। किसी भी दल को हटाने का अंतिम निर्णय ECI द्वारा लिया जाएगा।











