Mungeli Crime : मुंगेली : छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले से एक चौंकाने वाली हत्या की गुत्थी सुलझी है। यहां एक पूर्व सोसायटी प्रबंधक ने अपने दुश्मन की हत्या के लिए व्हाट्सएप पर फोटो भेजकर 50 हजार की सुपारी दी, लेकिन शराब के नशे में धुत्त सुपारी किलर ने गलती से दूसरे युवक को मौत के घाट उतार दिया।
Mungeli Crime : यह घटना 10 सितंबर को फास्टरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम दाबों में हुई थी। रात करीब 9 बजे नवोदय विद्यालय के पास दो युवकों पर लोहे की रॉड से हमला किया गया, जिसमें हेमप्रसाद नामक युवक की मौत हो गई, जबकि हेमचंद घायल हो गया और किसी तरह जान बचाकर भाग निकला।
Mungeli Crime : व्हाट्सएप से शुरू हुई साजिश
Mungeli Crime : पुलिस जांच में सामने आया कि तरवरपुर धान खरीदी केंद्र के पूर्व प्रबंधक नेतराम साहू ने पप्पू साहू नामक युवक से रंजिश के चलते उसे मरवाने की साजिश रची थी। उसने अपने साले सुनील साहू को सुपारी दी और पप्पू की तस्वीर व्हाट्सएप पर भेजते हुए कहा – “इसे खत्म कर दो, 50 हजार दूंगा।”
Mungeli Crime : तीन दिन की तैयारी, फिर हमला
Mungeli Crime : सुनील ने अपने दोस्त शुभम पाल, गौकरण साहू और एक नाबालिग को साथ मिलाया। सभी आरोपी 3 दिन तक नेतराम के घर चातरखार में रुके और 10 सितंबर की शाम को लोहे के पाइप और बाइक की नंबर प्लेट हटाकर निकल पड़े।
Mungeli Crime : गलत पहचान, गलत हत्या
Mungeli Crime : नेतराम ने हमलावरों को फोन कर बताया कि टारगेट शराब पी रहा है, बाइक पास में खड़ी है। आरोपी वहां पहुंचे, दो युवकों को बैठे देखा, और जब पूछा गया – “तुममें से पप्पू कौन है?”, जवाब मिला “हम पप्पू नहीं हैं।” बावजूद इसके, सुनील और शुभम ने हेमप्रसाद पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
Mungeli Crime : पूरी साजिश का हुआ खुलासा
Mungeli Crime : हत्या के बाद आरोपी मुंगेली होते हुए बिलासपुर भाग निकले। लेकिन पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने सटीक जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 10 दिन में ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
Mungeli Crime : गिरफ्तार आरोपी और बरामद सामग्री
नेतराम साहू (43) – मुख्य साजिशकर्ता
सुनील साहू (20) – सुपारी किलर
शुभम पाल (18)
गौकरण साहू (20)
एक नाबालिग बालक
Mungeli Crime : पुलिस ने आरोपियों के पास से दो लोहे की पाइप, मृतक का मोबाइल, लूटी गई बाइक और नेतराम की बोलेरो गाड़ी बरामद की है। सभी के खिलाफ फास्टरपुर थाना में बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस केस को सुलझाने में थाना प्रभारी गिरिजाशंकर यादव, साइबर सेल प्रभारी सुशील कुमार बंछोर समेत पूरी टीम की सराहनीय भूमिका रही।











