नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आज कोर कमेटी की बैठक होने जा रही है, जिसमें बिहार चुनाव को लेकर सीट शेयरिंग पर मंथन होगा। ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि बिहार को लेकर भाजपा के पास पार्टी की सर्वे रिपोर्ट आ चुकी है। इसी आधार पर कमजोर और मजबूत सीटों के आधार पर टिकटों का बंटवारा होगा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बिहार भाजपा की कोर कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा चुनाव की रणनीति को लगभग-लगभग अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इस बैठक में चिराग पासवान समेत बिहार में एनडीए के घटक दलों के बीच सीट शेयरिंग पर मुहर भी लग सकती है। ऐसी भी संभावना जताई जा रही है कि बैठक के बाद भाजपा सीट बंटवारे के फॉर्मूले सार्वजनिक कर दे।
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बीजेपी कोर कमेटी की मीटिंग से क्या 5 फॉर्मूले निकल कर आ सकते हैं, आइए आपको बताते हैं:
1. पीएम मोदी की मां का मुद्दा बीजेपी कितना गर्माएगी?
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष ने भाजपा को एक बड़ा मुद्दा दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के लिए अभद्र भाषा के इस्तेमाल का मुद्दा काफी गरमा गया है। भाजपा इसे बिहार चुनाव के लिए एक बड़ा मुद्दा बना रही है। बिहार के तमाम अखबार इस बात की तस्दीक कर रहे हैं। भाजपा ने 4 सितंबर को बिहार बंद का ऐलान कर दिया है। भाजपा का ऐसे मुद्दों को लेकर अनुभव बहुत अच्छा रहा है। ‘मौत का सौदागर’ से लेकर ‘चौकीदार चोर है’ तक के विपक्ष के बयानों का भाजपा ने बड़ी अच्छी तरह से विपक्ष के खिलाफ इस्तेमाल किया। ऐसे में बिहार चुनाव से पहले पीएम मोदी की मां का मुद्दा भाजपा खूब गर्माएगी, ऐसी उम्मीद है। भाजपा कोर कमेटी की बैठक में यह भी तय हो जाएगा कि इस मुद्दे को कहां तक लेकर जाना है।
2. विपक्ष के SIR मुद्दे का तोड़ निकलेगा
बिहार चुनाव में इस समय विपक्ष के पास सबसे बड़ा मुद्दा वोटर लिस्ट में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के मुद्दे पर बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ भी निकाल चुके हैं, जिसे अच्छा रिस्पॉन्स मिला। एनडीए के पास अभी तक इस मुद्दे की कोई बड़ी काट नजर नहीं आ रही है। ऐसा माना जा रहा है कि अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में विपक्ष के SIR मुद्दे का तोड़ निकाल लिया जाएगा।
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3. नेताओं की परफॉर्मेंस पर मंथन
आमतौर पर चुनाव में जीत-हार का फैसला उनके द्वारा बीते सालों की गई परफॉर्मेंस से तय होती है। कई नेताओं की परफॉर्मेंस इतनी खराब होती है कि उन पर दांव लगाना बेमानी होती है। इसलिए पार्टियां सीट बंटवारे से पहले एक इंटरनल सर्वे कराती हैं। इस सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर ऐसे नेताओं को फिर चुनाव मैदान में उतारा जाता है, जिनकी परफॉर्मेंस अच्छी होती है। बिहार के नेताओं को लेकर भाजपा के पास सर्वे रिपोर्ट आ गई है। बैठक में इस रिपोर्ट पर मंथन कर अच्छी परफॉर्मेंस वाले नेताओं के नाम आगे किए जा सकते हैं।
4. टिकट बंटवारा पर मंथन
भाजपा कोर कमेटी की बैठक में एनडीए के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे पर मंथन होगा। ऐसा माना जा रहा है कि हाई कमांड ने सीट बंटवारे की पूरी रणनीति बना ली है। ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि बिहार को लेकर भाजपा के पास पार्टी की सर्वे रिपोर्ट आ चुकी है। इस रिपोर्ट में भाजपा की मजबूत और कमजोर सीटों की पहचान हो गई है। इसी आधार पर कमजोर और मजबूत सीटों का बंटवारा होगा। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि बैठक में बाद सीट शेयरिंग का फॉर्मूला सार्वजनिक कर दिया जाएगा।
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5. चिराग पासवान को कितनी सीटें?
चिराग पासवान के खाते में बिहार में कितनी सीटें आएंगी, यह भी आज भाजपा कोर कमेटी की बैठक में तय हो सकता है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुखिया चिराग पासवान का रुख अभी तक साफ नहीं है। वह खुद चुनाव लड़ने की बात कह चुके हैं। एलजेपी के सांसद अरुण भारती ने बीते शनिवार को पटना में दावा किया कि उनकी पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव में सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। भाजपा भी जान रही है कि ये दबाव बनाने की राजनीति है। एलजेपी की ये दबाव की राजनीति काफी समय से चल रही है। भाजपा ने यकीनन चिराग पासवान को साथ लेकर चलने का फॉर्मूला भी बना लिया होगा।













