50% टैरिफ का बड़ा झटका : भारत के रत्न, ज्वेलरी और टेक्सटाइल सेक्टर की मुश्किलें बढ़ीं

VIKASH KHALKHO

नई दिल्ली — अमेरिकी सरकार द्वारा भारत पर लगाए गए कुल 50% टैरिफ से भारत के निर्यात को भारी झटका लगेगा। वाणिज्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, इस टैरिफ से करीब 48 अरब डॉलर के भारतीय निर्यात प्रभावित होंगे। टेक्सटाइल, रत्न-आभूषण, झींगा, चमड़ा, मशीनरी जैसे कई प्रमुख सेक्टर सबसे ज्यादा नुकसान झेलेंगे।

अमेरिका ने रूस से तेल और सैन्य उपकरण खरीदने के आरोप में भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया है, जो पिछले महीने लगाए गए 25% टैरिफ के बाद दूसरा बड़ा झटका है। 27 अगस्त 2025 से यह टैरिफ प्रभावी होगा।

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सबसे प्रभावित सेक्टर

  • टेक्सटाइल और अपैरल: 10.8 अरब डॉलर का निर्यात प्रभावित
  • रत्न और ज्वेलरी: 10 अरब डॉलर, खासकर सूरत और मुंबई के उद्योगों में नौकरी संकट
  • झींगा (श्रिम्प): 2.4 अरब डॉलर, विशाखापत्तनम के फार्म्स को खतरा
  • एग्रीफूड: 6 अरब डॉलर, जिसमें बासमती चावल, मसाले और चाय शामिल हैं
  • मशीनरी, स्टील, एल्युमिनियम, कॉपर: कुल 11.4 अरब डॉलर के निर्यात पर असर
  • कार्पेट, हस्तशिल्प: 2.8 अरब डॉलर, तुर्की और वियतनाम को फायदा

भारत का बड़ा निर्यात बाजार कमजोर होगा

अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है, जिसमें करीब 66% यानी लगभग 60 अरब डॉलर का निर्यात होता है। इस टैरिफ से भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता गंभीर रूप से कमजोर होगी। इससे नौकरियों पर असर पड़ सकता है, खासकर ज्वेलरी, टेक्सटाइल, और समुद्री खाद्य क्षेत्रों में।

भारत सरकार की तैयारी

सरकार ने इस कदम को “अनुचित और अन्यायपूर्ण” करार दिया है और राहत के उपायों पर काम कर रही है। इसमें शामिल हैं:

  • इंटरेस्ट सब्सिडी और वित्तीय सहायता
  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार
  • जीएसटी रिफंड का समय पर भुगतान
  • स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) में सुधार
  • वैकल्पिक बाजारों की खोज

छूट और बचाव

अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने कुछ छूट भी दी हैं, जैसे 27 अगस्त से पहले ट्रांजिट में माल के लिए विशेष छूट। फार्मास्यूटिकल्स, एनर्जी प्रोडक्ट्स, और इलेक्ट्रॉनिक्स टैरिफ से मुक्त रहेंगे।

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विशेषज्ञों की राय

मिथिलेश्वर ठाकुर, अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल : “अतिरिक्त टैरिफ से भारत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री अमेरिकी बाजार से बाहर हो सकती है। प्रतिस्पर्धा में बांग्लादेश, वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले खड़ा होना मुश्किल होगा।”

एस. सी. रल्हन, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस: “यह कदम भारत के सबसे बड़े निर्यात बाजार में बाधा डालेगा, जिससे जेम्स और ज्वेलरी सेक्टर में नौकरियां प्रभावित होंगी।”

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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