जबलपुर। निलंबित लाइसेंस पर खाद का व्यवसाय करने के आरोप में कृषि विभाग ने पाटन विकासखण्ड के ग्राम बेनीखेड़ा स्थित मेसर्स खुशी ट्रेडर्स के संचालक के विरुद्ध पाटन थाना में एफआईआर दर्ज कराई है। यह कार्रवाई आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 एवं उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की विभिन्न धाराओं के तहत की गई है।
उप संचालक कृषि डॉ. एस.के. निगम ने बताया कि 10 जुलाई को अनुविभागीय अधिकारी कृषि पाटन डॉ. इंदिरा त्रिपाठी एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी/उर्वरक निरीक्षक पाटन पंकज श्रीवास्तव ने आकस्मिक निरीक्षण किया था। इस दौरान प्रतिष्ठान में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इनमें स्टॉक एवं भाव फलक का प्रदर्शन नहीं करना, कैश एवं क्रेडिट मेमो जारी नहीं करना, प्रतिमाह क्रय-विक्रय रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराना, किसानों को निर्धारित प्रारूप में कैश मेमो न देना तथा पीओएस मशीन में प्रदर्शित 23.92 टन उर्वरक के स्थान पर भौतिक स्टॉक शून्य पाया जाना शामिल था।
अनियमितताओं को देखते हुए उर्वरक निरीक्षक द्वारा खुशी ट्रेडर्स का लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की गई थी, जिस पर 11 जुलाई को तत्काल प्रभाव से फुटकर उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।
इसके बावजूद जांच में पाया गया कि निलंबन के बाद भी थोक विक्रेताओं से खाद की आपूर्ति जारी रही और प्रतिष्ठान द्वारा किसानों को पीओएस के माध्यम से खाद का विक्रय किया जा रहा था।
इस मामले में संचालक मनीष कुमार सोनी के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। साथ ही थोक आपूर्ति करने वाले सुहाने एग्रो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, जबलपुर एवं श्रेयांशी ट्रेडर्स, जबलपुर को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
“निलंबन के बाद भी यदि खाद का अवैध विक्रय किया जा रहा है तो यह गंभीर अपराध है। संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
– सूर्यकांत शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक











