Saturday, August 15, 2026
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Alcohol scandal : 2100 करोड़ के शराब घोटाले में चैतन्य बघेल ने दी कानूनी चुनौती, गिरफ्तारी को बताया गैरकानूनी

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Alcohol scandal : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है। उन्होंने इसे अवैध बताते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इससे पहले वे इस मामले में सुप्रीम कोर्ट भी गए थे, जहां से उन्हें हाईकोर्ट में राहत की गुहार लगाने की सलाह दी गई थी।

चैतन्य बघेल ने अपनी याचिका में कहा है कि उनकी गिरफ्तारी कानून की प्रक्रिया के विरुद्ध की गई है और उन्हें तत्काल रिहा किया जाना चाहिए। फिलहाल चैतन्य रायपुर सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं। अदालत ने उनकी हिरासत अवधि 18 अगस्त 2025 तक बढ़ा दी है।

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20 जुलाई 2025 को ईडी ने चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ में हुए बहुचर्चित शराब घोटाले के सिलसिले में की गई थी। जांच एजेंसी का दावा है कि वर्ष 2019 से 2022 के बीच हुए इस घोटाले में करीब 2100 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ, जिसमें चैतन्य की संलिप्तता पाई गई है। ईडी के मुताबिक, चैतन्य इस कथित घोटाले की फंडिंग और मैनेजमेंट में शामिल थे।

चैतन्य के वकील हर्षवर्धन पनगढ़िया के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 482 के तहत राहत के लिए हाईकोर्ट जाने को कहा था। इसी के तहत हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है और एक हफ्ते के भीतर सुनवाई की उम्मीद जताई जा रही है। गौरतलब है कि चैतन्य ने सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं दायर की थीं, जिनमें से एक पहले ही खारिज हो चुकी है, जबकि दूसरी याचिका पर सुनवाई की तारीख 6 अगस्त 2025 तय की गई है।

केवल शराब घोटाला ही नहीं, बल्कि कोयला परिवहन घोटाले और महादेव सट्टा ऐप घोटाले में भी ईडी की नजर चैतन्य और उनके पिता भूपेश बघेल पर है। इसके साथ ही सीबीआई और ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) भी अन्य मामलों में पूछताछ कर रही हैं।

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इन घटनाओं ने राज्य की राजनीति में भी हलचल बढ़ा दी है। भूपेश बघेल ने इन सभी मामलों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है और भाजपा सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। वहीं, भाजपा नेताओं का कहना है कि कानून के मुताबिक भ्रष्टाचारियों को सजा मिलनी चाहिए, चाहे वे किसी भी पार्टी से जुड़े हों।

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