Raipur Crime : रायपुर: महिला थाने में काउंसलिंग के दौरान मारपीट का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर पूर्व महिला थाना प्रभारी वेदवती दरियों और दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि पति-पत्नी के विवाद को सुलझाने की बजाय महिला थानेदार ने एक पक्ष के साथ मारपीट की।
Raipur Crime :यह मामला मार्च 2024 का है, जब आसिफ अली और यास्मीन फातिमा अपने वैवाहिक विवाद के चलते महिला थाने पहुंचे थे। अप्रैल 2023 में शादी के कुछ महीनों बाद से दोनों के बीच अनबन शुरू हो गई थी। थाने में तीसरी बार काउंसलिंग के लिए दोनों पक्ष बुलाए गए थे। यास्मीन अपनी मां और भाई के साथ पहुंची थी, जबकि पति आसिफ भी वहां मौजूद था।
Raipur Crime :काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जो धीरे-धीरे विवाद में बदल गई। यास्मीन का आरोप है कि थाना प्रभारी वेदवती दरियों ने पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया और महिला व उसके परिजनों की शिकायतों को अनसुना कर दिया। जब बहस बढ़ी, तो दरियों ने महिला सब इंस्पेक्टर शारदा वर्मा और कांस्टेबल फगेश्वरी कंवर के साथ मिलकर यास्मीन और उसके परिवार पर डंडे और बेल्ट से हमला कर दिया। मारपीट के चलते महिला को गर्दन और पीठ में गंभीर चोटें आईं।
Raipur Crime :इस घटना के बाद उल्टा थाना प्रभारी ने यास्मीन और उसके परिवार पर कोतवाली थाने में FIR दर्ज करवा दी। इसके विरोध में यास्मीन ने कोर्ट का रुख किया। उसने न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने महिला थाना प्रभारी, अन्य स्टाफ और अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने कोतवाली पुलिस को FIR दर्ज करने का आदेश दिया, जिसमें मारपीट और गाली-गलौज की धाराएं शामिल की गई हैं।
Raipur Crime :गौरतलब है कि यही महिला थाना प्रभारी वेदवती दरियों जुलाई 2024 में एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ी गई थीं। एक महिला से FIR दर्ज करने के बदले उन्होंने घूस की मांग की थी, जिसके बाद पीड़िता ने ACB में शिकायत दर्ज करवाई थी। ACB ने जाल बिछाकर दरियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था और कुछ ही दिन बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। अब कोर्ट के आदेश पर हुई इस FIR ने महिला थाना में पूर्व में हुई कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।









