Friday, August 21, 2026
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Nisar Mission : इतिहास रचने को तैयार NISAR, धरती का हर कोना होगा स्कैन……

Nisar Mission : इतिहास रचने को तैयार NISAR, धरती का हर कोना होगा स्कैन......
Nisar Mission : इतिहास रचने को तैयार NISAR, धरती का हर कोना होगा स्कैन......

Nisar Mission : भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम आज एक और ऐतिहासिक छलांग लगाने को तैयार है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA का संयुक्त मिशन NISAR (नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार) आज, बुधवार, 30 जुलाई 2025 को शाम 5:40 बजे श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया जाएगा। यह मिशन पृथ्वी के बदलते पारिस्थितिकी तंत्र, बर्फ के द्रव्यमान और वनस्पति की स्थिति को अभूतपूर्व सटीकता से स्कैन करेगा।

Nisar Mission : ISRO अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव डॉ. वी. नारायणन ने बताया कि इस अत्याधुनिक उपग्रह को एक भारतीय रॉकेट द्वारा पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पहला ऐसा मिशन है जिसमें पहली बार किसी GSLV-S16 रॉकेट के जरिये किसी उपग्रह को सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट (सूर्य-स्थिर कक्ष) में स्थापित किया जाएगा। यह ISRO की GSLV क्षमता में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।

NISAR मिशन का मुख्य उद्देश्य पृथ्वी की सतह में होने वाले सूक्ष्म परिवर्तनों का अध्ययन करना है, जिनमें प्राकृतिक आपदाएं जैसे भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखी विस्फोट और भूस्खलन शामिल हैं। यह पृथ्वी के क्रस्ट, पारिस्थितिकी तंत्र और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करेगा। इसकी सिंथेटिक अपर्चर रडार तकनीक पृथ्वी की सतह की 1 सेंटीमीटर तक की सटीकता से तस्वीरें लेने में सक्षम है, जिससे वैज्ञानिकों को हमारी पृथ्वी की गतिशीलता को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।

यह मिशन भारत और अमेरिका के बीच अंतरिक्ष सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं को एकीकृत कर रहा है। आज शाम की यह लॉन्चिंग अंतरिक्ष अन्वेषण और पृथ्वी विज्ञान के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करेगी।

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