बुरहानपुर, मध्य प्रदेश: Burhanpur MP : भोपाल के ऐशबाग में 90 डिग्री वाले रेलवे ओवरब्रिज की चर्चा के बाद, अब बुरहानपुर जिले के नेपानगर में बना 86 डिग्री का रेलवे ओवरब्रिज सुर्खियाँ बटोर रहा है। यह ब्रिज दो साल पहले बनकर तैयार हुआ था, लेकिन इस पर सुरक्षा जालियां न लगाए जाने से स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। चिंताजनक बात यह है कि इस ब्रिज पर पूर्व में दो हादसे हो चुके हैं, जिनमें दो लोगों की जान भी जा चुकी है, फिर भी नगर परिषद ने कोई सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाया है।
Burhanpur MP : ब्रिज की खासियत और लापरवाही
सेतु निगम के अधिकारियों के अनुसार, नेपानगर का यह ओवरब्रिज 86 डिग्री के मोड़ पर बना है, जिसकी चौड़ाई करीब 16 मीटर है और इसमें गोलाई अधिक है। सेतु निगम ने नगर पालिका को सुरक्षा जालियां लगाने की अनुमति भी दे दी है, लेकिन नगर पालिका की ओर से अब तक जालियां नहीं लगाई गई हैं। नगर पालिका अध्यक्ष का कहना है कि इसके लिए इंदौर से टेक्निकल स्वीकृति मिलना बाकी है।
निर्माण में देरी और बढ़ी लागत
यह ब्रिज करीब 9 साल पहले 34 करोड़ रुपये की लागत से आंबेडकर चौराहा से संजय नगर तक स्वीकृत हुआ था। इसका निर्माण कार्य 7 साल में पूरा हुआ और ब्रिज 2023 में अस्तित्व में आया। समाजसेवी प्रवीण काटकर के अनुसार, तत्कालीन विधायक स्वर्गीय राजेंद्र दादू ने 2015-16 में इस ब्रिज की स्वीकृति कराई थी। निर्माण कार्य कभी बंद तो कभी चालू होता रहा, जिससे इसमें काफी देरी हुई। सेतु निगम ने अपने हिस्से का काम समय पर कर लिया था, लेकिन रेलवे के हिस्से का काम बाद में पूरा हुआ। देरी के कारण ब्रिज की लागत 34 करोड़ से बढ़कर 38 करोड़ रुपये हो गई। वर्तमान में, नगर पालिका अध्यक्ष और अध्यक्ष प्रतिनिधि सुरक्षा जालियों के मामले में अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ते हुए एक-दूसरे पर दोष मढ़ रहे हैं, जिससे स्थानीय सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।













