दिवाली पर बच्चों के दांतों का रखें खास ध्यान
दिवाली पर घर में मिठाइयां, चॉकलेट और कई तरह के ड्रिंक्स आते हैं। बच्चे भी इन्हें खाने-पीने के लिए उत्साहित रहते हैं। लेकिन त्योहार के दौरान बार-बार मीठा खाना उनके दांतों के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। पैकेट वाले जूस, कोल्ड ड्रिंक और फ्लेवर्ड मिल्क भी दांतों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इनसे कैविटी होने के साथ दांतों की बाहरी परत यानी इनेमल भी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में माता-पिता को बच्चों के खानपान के साथ उनकी ओरल हाइजीन पर भी ध्यान देना चाहिए।
बार-बार मिठाई खाने से बढ़ती है कैविटी
बच्चे जब मीठी चीजें खाते हैं, तो मुंह में मौजूद बैक्टीरिया शुगर के साथ मिलकर एसिड बनाते हैं। यह एसिड दांतों की सतह को नुकसान पहुंचा सकता है और धीरे-धीरे कैविटी का खतरा बढ़ जाता है।
सिर्फ यह मायने नहीं रखता कि बच्चा कितनी मिठाई खा रहा है, बल्कि यह भी जरूरी है कि वह दिनभर में कितनी बार मीठा खाता है। बार-बार शुगर के संपर्क में आने से दांतों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ती है। इसलिए बच्चों को पूरे दिन थोड़ी-थोड़ी मिठाई देने के बजाय लंच या डिनर के बाद सीमित मात्रा में मीठा देना बेहतर है।
पैकेट वाले जूस और कोल्ड ड्रिंक से भी बचाएं
दिवाली पर गिफ्ट में मिलने वाले पैकेट वाले जूस, कोल्ड ड्रिंक और फ्लेवर्ड मिल्क को बच्चे अक्सर पसंद करते हैं। लेकिन इनमें मौजूद शुगर और एसिड दांतों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। एसिड दांतों की बाहरी परत यानी इनेमल को कमजोर कर सकता है, जबकि शुगर कैविटी का खतरा बढ़ाती है।
दूध के दांतों की देखभाल भी है जरूरी
कई माता-पिता सोचते हैं कि दूध के दांत तो कुछ साल बाद गिर जाएंगे, इसलिए उनकी देखभाल पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है। लेकिन दूध के दांत बच्चों को खाना चबाने और साफ बोलने में मदद करते हैं। ये पक्के दांतों के लिए जगह बनाए रखने और उन्हें सही दिशा में निकलने में भी मदद करते हैं।
अगर कैविटी या किसी दूसरी वजह से दूध का दांत समय से पहले निकल जाता है, तो आसपास के दांत अपनी जगह बदल सकते हैं। इससे पक्के दांतों के निकलने में परेशानी हो सकती है और आगे चलकर दांत टेढ़े-मेढ़े आने का खतरा बढ़ सकता है।
बच्चों के दांतों को ऐसे रखें सुरक्षित
बच्चों को दिन में दो बार ब्रश करने की आदत डालें। मिठाई या चॉकलेट खाने के बाद पानी से कुल्ला जरूर करवाएं। कोशिश करें कि बच्चा सोने से पहले ब्रश किए बिना न सोए। दांतों में दर्द, काले धब्बे या कैविटी के लक्षण दिखें, तो डेंटिस्ट को दिखाएं। त्योहार की मिठास के साथ बच्चों के दांतों की सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है।
