Mahadev Online Betting App: रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार तेज होती नजर आ रही है। मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर के ओमान से प्रत्यर्पण के बाद अब इस सिंडिकेट के सह-संस्थापक रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई है। रवि उप्पल को महादेव ऐप नेटवर्क का अहम चेहरा और कथित हवाला कारोबार का प्रमुख संचालक माना जाता है।
सूत्रों के मुताबिक, रवि उप्पल की गिरफ्तारी की जानकारी अनौपचारिक माध्यमों से मिली है। इसके बाद भारतीय जांच एजेंसियां उसे भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया में जुटी हैं। हालांकि, UAE की ओर से गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
भिलाई निवासी रवि उप्पल की गिरफ्तारी की खबर ने छत्तीसगढ़ में एक बार फिर महादेव ऐप से जुड़े कथित राजनीतिक और प्रशासनिक गठजोड़ को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं। माना जा रहा है कि उससे पूछताछ में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
वानुअतु का पासपोर्ट भी नहीं आया काम
भारत से फरार होने के बाद रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर ने प्रशांत महासागर के देश वानुअतु का पासपोर्ट हासिल किया था। बताया जाता है कि दोनों ने अपनी पहचान और नागरिकता बदलकर भारतीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई से बचने की कोशिश की थी।
हालांकि, इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एजेंसियों की निगरानी के चलते उनकी मुश्किलें बढ़ती चली गईं। अब रवि उप्पल की गिरफ्तारी की खबर से महादेव ऐप मामले की जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
करोड़ों के हवाला नेटवर्क की अहम कड़ी बताया जाता है उप्पल
जांच में रवि उप्पल को महादेव ऐप सिंडिकेट की महत्वपूर्ण कड़ी माना गया है। आरोप है कि वह ऑनलाइन सट्टे से जुटाई गई अवैध कमाई के लेनदेन और हवाला नेटवर्क के संचालन में अहम भूमिका निभाता था। कमीशन और कथित संरक्षण राशि के वितरण से जुड़े मामलों में भी उसका नाम सामने आया है।
छत्तीसगढ़ के नेताओं और अफसरों पर बढ़ सकता है दबाव
महादेव ऐप मामले में छत्तीसगढ़ के कई प्रभावशाली लोगों, नेताओं, पुलिस अधिकारियों और नौकरशाहों के कथित कनेक्शन की जांच पहले से चल रही है। ऐसे में रवि उप्पल से पूछताछ जांच एजेंसियों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
एजेंसियां उससे कथित हवाला लेनदेन, पैसों के लेन-देन में शामिल लोगों और विदेशों में भेजी गई रकम के नेटवर्क के बारे में जानकारी हासिल कर सकती हैं। अगर पूछताछ में नए नाम सामने आते हैं तो छत्तीसगढ़ में इस मामले से जुड़े कई लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
पहले भी दुबई में हिरासत में लिया गया था उप्पल
रवि उप्पल के खिलाफ अक्टूबर 2023 में इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ था। दिसंबर 2023 में भी उसे दुबई में हिरासत में लिया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से बाद में रिहा कर दिया गया था। अब एक बार फिर उसकी गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद भारतीय एजेंसियां उसे भारत लाने की तैयारी में जुटी बताई जा रही हैं। हालांकि, इस संबंध में UAE की आधिकारिक पुष्टि और प्रत्यर्पण प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
Mahadev Online Betting App: सौरभ चंद्राकर के बाद रवि उप्पल की गिरफ्तारी महादेव ऐप मामले की जांच में बड़ा मोड़ साबित हो सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पूछताछ में किन-किन चेहरों के नाम सामने आते हैं और क्या इस कथित सिंडिकेट से जुड़े राजनीतिक व प्रशासनिक नेटवर्क का पूरा सच सामने आ पाएगा?