इंदौर। Indore FRV Liquor Party: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक बेहद शर्मनाक और पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ तिलक नगर थाने की एफआरवी (डायल-112) पर तैनात पुलिसकर्मी अपनी सरकारी ड्यूटी और गश्त छोड़कर एक बदमाश के साथ खुले मैदान में शराबखोरी करते पाए गए। इस घटना का वीडियो और स्थानीय सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार देर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच की है। तिलक नगर थाने की एफआरवी वाहन (क्रमांक MP 04 YR 1247) अपनी निर्धारित गश्त छोड़कर थाना क्षेत्र से लगभग 6 किलोमीटर दूर खुड़ैल थाना क्षेत्र के ग्राम बिहाड़िया स्थित ताज कॉलोनी के एक सुनसान खुले मैदान में जा पहुँची। आरोप है कि इस गाड़ी में मौजूद पुलिसकर्मियों ने जेल से छूटकर आए एक स्थानीय बदमाश के साथ जमकर शराब पी।
इंदौर में ड्यूटी छोड़ बदमाश के साथ शराब पीते दिखे डायल-112 के पुलिसकर्मी, वीडियो वायरल।
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— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) November 2, 2026
स्थानीय रहवासियों के मुताबिक, कॉलोनी में वाहन चोरों और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन्हीं कैमरों में पुलिस की एफआरवी और पुलिसकर्मियों की संदिग्ध गतिविधियां स्पष्ट रूप से कैद हो गईं। रहवासियों ने देखा कि बिना नंबर की एक बाइक पर सवार होकर एक बदमाश वहाँ पहुँचा और उसने अपनी बाइक सीधे पुलिस की एफआरवी के सामने खड़ी कर दी। इसके बाद शराब निकालकर पुलिसकर्मियों के साथ दौर चलाया गया, जो रात करीब 1 बजे तक चलता रहा।
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क्षेत्रवासी संदीप तिवारी व अन्य स्थानीय लोगों ने इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत की सूचना तुरंत खुड़ैल थाने के साथ-साथ पुलिस कंट्रोल रूम को दी। कंट्रोल रूम के माध्यम से यह गंभीर मामला तिलक नगर थाना प्रभारी (TI) मनीष लोधा तक पहुँचा। एफआरवी और उसमें तैनात पुलिसकर्मियों की पहचान होने के बाद, नागरिकों की पुख्ता सूचना और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर एएसआई (ASI) श्रीराम परमार, हेड कांस्टेबल विनोद सक्सेना और एफआरवी पायलट के खिलाफ रोजनामचे में औपचारिक रिपोर्ट दर्ज कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
स्थानीय रहवासियों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि पुलिस विभाग की किरकिरी और बदनामी से बचने के लिए शुरू में इस घटना को दबाने की कोशिश की गई और मामले को वरिष्ठ अधिकारियों तक नहीं पहुँचाया गया। फिलहाल, उच्च अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस यह जांच करने में जुटी है कि उस समय पुलिसकर्मियों के साथ शराब पीने वाला व्यक्ति कोई सूचीबद्ध बदमाश था या कोई अन्य संदिग्ध। इस घटना के बाद से पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।