Chhattisgarh Voter List Errors: छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव से पहले मतदाता सूची में सामने आई गलतियों ने चुनावी तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक मतदाता सूची जारी होते ही कई तरह की गड़बड़ियां सामने आई हैं। कहीं मतदाताओं के नाम गलत दर्ज हैं तो कहीं पुरुषों को महिला और महिलाओं को पुरुष की श्रेणी में दिखा दिया गया है। सबसे ज्यादा शिकायतें राजधानी रायपुर से लगे बिरगांव नगर निगम क्षेत्र से सामने आई हैं। यहां मौजूदा महापौर से लेकर पूर्व महापौर और भाजपा नेताओं तक का जेंडर मतदाता सूची में गलत दर्ज होने का मामला सामने आया है।
वोटर लिस्ट में नाम ही नहीं, जेंडर भी गलत
बिरगांव नगर निगम की प्रारंभिक मतदाता सूची में कांग्रेस के महापौर नंदलाल देवांगन को महिला मतदाता के रूप में दर्ज किया गया है। वहीं, पूर्व महापौर अंबिका यदु का नाम पुरुष मतदाता की श्रेणी में दिखाया गया है। इतना ही नहीं, मेयर इन काउंसिल के सदस्य इकराम अहमद और भाजपा नेता भागीरथी साहू के जेंडर में भी गलती सामने आई है। इन दोनों को भी सूची में महिला के रूप में दर्ज किए जाने की बात कही जा रही है।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि गलतियां आम मतदाताओं तक सीमित नहीं हैं। जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के नामों में भी इस तरह की त्रुटियां सामने आई हैं। इससे मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।
कई इलाकों में मतदाता परेशान
प्रदेश की 15 नगरीय निकायों में दिसंबर महीने में चुनाव प्रस्तावित हैं। इनमें चार नगर निगम भी शामिल हैं। चुनाव से पहले राज्य निर्वाचन आयोग मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया चला रहा है। लेकिन प्रारंभिक सूची सामने आने के बाद नाम, जेंडर और अन्य जानकारियों में गलतियों की शिकायतें मिलने लगी हैं।ऐसी गड़बड़ियों के कारण मतदाताओं को अपने विवरण में सुधार कराने के लिए संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। चुनाव में मतदान का अधिकार प्रभावित न हो, इसके लिए सूची में दर्ज जानकारी सही होना जरूरी है।
आयोग ने बढ़ाई दावा-आपत्ति की तारीख
लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची पर दावा और आपत्ति दर्ज कराने की समयसीमा बढ़ा दी है। पहले इसकी अंतिम तारीख 30 अक्टूबर निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 3 नवंबर कर दिया गया है। वहीं, प्राप्त दावों और आपत्तियों के निराकरण की समयसीमा भी 3 नवंबर से बढ़ाकर 6 नवंबर कर दी गई है।इस फैसले से उन मतदाताओं को अतिरिक्त समय मिलेगा, जो किसी कारण से तय समय के भीतर अपनी शिकायत दर्ज नहीं करा पाए थे।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताई तारीख बढ़ाने की वजह
राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह के मुताबिक, आयोग का प्रयास है कि कोई भी पात्र मतदाता मतदान से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि कुछ लोग तूफान के कारण भी समय पर अपनी आपत्तियां दर्ज नहीं करा पाए हैं। मतदाता सूची में किसी तरह की गलती न रह जाए, इसलिए दावा-आपत्ति की अवधि बढ़ाई गई है।आयोग की ओर से मतदाता सूची जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा निर्धारित स्थानों पर निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। मतदाता वहां जाकर अपना नाम और अन्य विवरण जांच सकते हैं। यदि नाम, पता, जेंडर या किसी दूसरी जानकारी में गलती है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार के लिए दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
इन नगरीय निकायों में होने हैं चुनाव
इस बार बिरगांव, भिलाई, भिलाई-चरौदा और रिसाली नगर निगम समेत प्रदेश के कई नगरीय निकायों में चुनाव होने हैं। इनके अलावा पांच नगर पालिकाओं और छह नगर पंचायतों में भी मतदान प्रस्तावित है। ऐसे में चुनाव से पहले मतदाता सूची की गलतियों को दूर करना निर्वाचन आयोग के लिए बड़ी चुनौती है।अब देखना होगा कि बढ़ाई गई समयसीमा में कितनी शिकायतों का निराकरण होता है और अंतिम मतदाता सूची में इन गलतियों को किस हद तक सुधारा जा पाता है।