इंदौर। Nishaanebaz.com-Pardeshipura Operation Matrix 2.0: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन मैट्रिक्स 2.0’ (Operation Matrix 2.0) के तहत परदेशीपुरा थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड (Multi-State Cyber Fraud) में इस्तेमाल किए जा रहे एक संदिग्ध म्यूल बैंक खाते (Mule Bank Account) का खुलासा करते हुए दो शातिर आरोपियों को धर दबोचा है।
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला यह बैंक खाता मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में दर्ज साइबर ठगी की कई शिकायतों से जुड़ा हुआ है।
कैसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा?
परदेशीपुरा थाना पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ‘ऑपरेशन मैट्रिक्स 2.0′ के तहत की जा रही छानबीन के दौरान साइबर फ्रॉड के इस नेटवर्क का सुराग मिला। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी दिव्यांश वर्मा और उसके साथी रौनक उर्फ सतीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दिव्यांश अपने बैंक खाते में साइबर ठगी की अवैध रकम मंगवाता था। इस अवैध लेनदेन के बदले वह कुल रकम का 4 प्रतिशत कमीशन अपने पास रखता था और बाकी की शेष राशि अपने साथी रौनक को सौंप देता था।
बैंक पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी के इस कारोबार में इस्तेमाल होने वाले चार अलग-अलग बैंक खातों की पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड जब्त किए हैं।
मामले की जांच कर रहे सब-इंस्पेक्टर (SI) दीपक जामोद ने बताया कि आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क के तार देश के अन्य हिस्सों में किन-किन लोगों से जुड़े हैं और इस सिंडिकेट में और कौन-कौन शामिल है।
परदेशीपुरा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से साइबर ठगी के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।