बलौदा बाजार। Nishaanebaz.com-Operation Nischay: छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में अपराधियों और नशामुक्ति के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन निश्चय” के तहत सिमगा पुलिस ने एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। महासमुंद और बिलासपुर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए सिमगा पुलिस ने ओडिशा से भारी मात्रा में अवैध गांजा लेकर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जा रहे 7 शातिर अंतरराज्यीय तस्करों को रंगे हाथ दबोच लिया है। खास बात यह है कि पकड़े गए इन आरोपियों में से एक आरोपी स्थानीय स्तर पर एक पत्रकार के सहायक के रूप में जुड़ा हुआ था और पुलिस चेकिंग के दौरान इसी रसूख व पहचान की आड़ लेकर बचने का प्रयास करता था।
फिल्मी स्टाइल में हुई घेराबंदी और कार का एक्सीडेंट
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 23 अक्टूबर को सिमगा पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि ओडिशा की ओर से एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार में भारी मात्रा में अवैध गांजा भरकर उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा है। इस गिरोह का नेटवर्क बेहद शातिर था; पुलिस की चेकिंग और गतिविधियों की रेकी करने के लिए ये लोग स्विफ्ट कार के ठीक आगे-आगे एक बलेनो कार को ‘पायलट वाहन’ के रूप में दौड़ा रहे थे।
सूचना मिलते ही सिमगा ओवरब्रिज और एनएच-130 पर तत्काल सघन नाकेबंदी कर दी गई। पुलिस टीम को सामने मुस्तैद देखकर दोनों वाहनों के चालकों ने अचानक अपनी गाड़ियों की रफ्तार बेहद तेज कर दी और भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने तुरंत उनका पीछा किया। इसी दौरान ग्राम दामाखेड़ा के पास एनएच-130 पर तेज रफ्तार स्विफ्ट कार अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर से जा टकराई। बिना वक्त गंवाए पुलिस बल ने बिजली की तेजी से घेराबंदी करते हुए मौके से सभी 7 आरोपियों को धर दबोचा।
गिरफ्तार तस्करों की डिटेल
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए सभी सातों अंतरराज्यीय तस्कर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के रहने वाले हैं। इनके नाम निम्नलिखित हैं:
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विनीत कुमार भारती (29 वर्ष)
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करन कनौजिया (23 वर्ष)
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सुनील कुमार भारती (22 वर्ष)
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सुखलेन्द्र कुमार नट (35 वर्ष)
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राजेंद्र गुप्ता (42 वर्ष)
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शिवशंकर बिन्द (26 वर्ष)
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अनिल कुमार बिन्द (39 वर्ष)
करोड़ों का अवैध माल और गाड़ियां जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 25,41,500 रुपए मूल्य की सामग्री जब्त की है। इसमें 15,21,500 रुपए मूल्य का कुल 30 किलो 430 ग्राम अवैध गांजा (15 पैकेट), एक स्विफ्ट कार (कीमत 3,50,000 रुपए), एक बलेनो पायलट कार (कीमत 6,00,000 रुपए) और 6 एंड्रॉइड मोबाइल फोन (कीमत 70,000 रुपए) शामिल हैं।
पहचान की आड़ में तस्करी का खेल
पुलिस की पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपियों में से एक व्यक्ति स्थानीय स्तर पर एक पत्रकार के सहायक के रूप में काम करता था और पुलिस चेकिंग के दौरान वह इसी पहचान व जान-पहचान का धौंस दिखाकर बचने का प्रयास करता था। वहीं, गिरोह का एक अन्य सदस्य कथित चिकित्सक (ग्रामीण प्रैक्टिशनर) के रूप में कार्य करता था। इन्हीं फर्जी संपर्कों और रसूख की आड़ लेकर यह पूरा गिरोह ओडिशा से गांजे की बड़ी खेप उठाकर सुरक्षित तरीके से प्रयागराज में खपाने की फिराक में था।
फिलहाल, थाना सिमगा में सभी आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 466/2026, एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 20(b) के तहत गंभीर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश कर रही है। इस अंतरराज्यीय नेटवर्क के मुख्य सप्लायरों और खरीदारों की तलाश के लिए आगे की विवेचना तेजी से जारी है।
इस बड़ी कार्रवाई से नशा तस्करों के नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध नशे के कारोबार में लिفت किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी प्रकार की आड़ लेने का प्रयास क्यों न करे।