Karwa Chauth 2026: करवा चौथ पर सोलह शृंगार में मेहंदी का खास महत्व होता है। महिलाएं हाथों पर खूबसूरत डिजाइन बनवाने के लिए बाजार से मेहंदी कोन खरीदती हैं या मेहंदी लगाने वाले कलाकारों की मदद लेती हैं। लेकिन गहरे रंग का दावा करने वाली हर मेहंदी त्वचा के लिए सुरक्षित हो, यह जरूरी नहीं है। ऐसे में मेहंदी खरीदने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।
कुछ ही मिनटों में काला रंग देने वाली मेहंदी से रहें सतर्क
प्राकृतिक मेहंदी आमतौर पर पहले नारंगी रंग छोड़ती है, जो अगले 24 से 48 घंटों में लाल-भूरा या गहरा भूरा हो सकता है। इसके विपरीत, कुछ उत्पाद बहुत कम समय में गहरा काला रंग देने का दावा करते हैं। ऐसे कोन इस्तेमाल करने से पहले उनकी सामग्री और लेबल की जांच करें। केवल रंग के आधार पर मेहंदी को असली या नकली तय नहीं किया जा सकता।
तेज रासायनिक गंध को न करें नजरअंदाज
प्राकृतिक मेहंदी में सूखी पत्तियों या मिट्टी जैसी हल्की गंध हो सकती है। अगर किसी उत्पाद से असामान्य रूप से तेज रासायनिक गंध आ रही है, तो सावधानी बरतें। हालांकि, खुशबू से भी उसकी शुद्धता की पुष्टि नहीं की जा सकती। बेहतर है कि बिना सामग्री की जानकारी वाले कोन खरीदने से बचें।
पैकेट और लेबल ध्यान से जांचें
मेहंदी खरीदते समय पैकेट पर सामग्री, निर्माता का नाम, निर्माण और एक्सपायरी की तारीख जैसी जानकारी देखें। ‘ब्लैक हिना’ या ‘इंस्टेंट ब्लैक’ नाम से बिकने वाले उत्पादों में PPD यानी पैरा-फेनिलीनडायमाइन हो सकता है। यह रसायन कुछ लोगों में गंभीर एलर्जी, खुजली, सूजन और फफोलों का कारण बन सकता है। ऐसे उत्पादों से बचना बेहतर है।
टिश्यू टेस्ट को न मानें पक्का प्रमाण
मेहंदी को टिश्यू पेपर पर लगाकर उसका रंग देखना उसकी शुद्धता जांचने का भरोसेमंद तरीका नहीं है। रंग बदलने से यह साबित नहीं होता कि उत्पाद प्राकृतिक या सुरक्षित है। इसलिए केवल घरेलू टेस्ट पर भरोसा करने के बजाय सामग्री की जानकारी और विश्वसनीय निर्माता को प्राथमिकता दें।
मेहंदी लगाने से पहले रखें ये सावधानियां
त्वचा पर पहले मेहंदी से एलर्जी हुई हो, तो इस्तेमाल से बचें। जलन या खुजली शुरू होते ही मेहंदी हटा दें। सूजन, फफोले या सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकीय मदद लें। त्योहार की खुशी में त्वचा की सुरक्षा को नजरअंदाज न करें।