भोपाल। Nishaanebaz.com-Bhopal Hotel Guest App: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता और हाइटेक बनाने के उद्देश्य से भोपाल पुलिस एक विशेष पहल करने जा रही है। शहर के होटलों, लॉज और धर्मशालाओं में ठहरने वाले मेहमानों के सत्यापन के लिए ‘अतिथि ऐप’ आधारित डिजिटल प्रणाली शुरू की जा रही है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अब कोई भी संदिग्ध या असामाजिक तत्व फर्जी पहचान पत्र का सहारा लेकर या अपनी पहचान छुपाकर राजधानी के होटलों में नहीं ठहर सकेगा। Check-in प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक अतिथि का डिजिटल और वास्तविक समय (रियल-टाइम) में सत्यापन अनिवार्य होगा।
वर्तमान व्यवस्था के तहत होटलों में आने वाले मेहमानों के पहचान पत्र की फोटोकॉपी लेकर एक भौतिक रजिस्टर में विवरण दर्ज कर लिया जाता है। हालांकि, मेहमान द्वारा जमा कराया गया पहचान पत्र असली है अथवा फर्जी, इसका तुरंत पता लगाना होटल कर्मचारियों के लिए संभव नहीं होता था। किसी भी प्रकार का अपराध या संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर पुलिस को मैन्युअल तरीके से जांच करनी पड़ती थी, जिसमें काफी समय व्यतीत होता था। ‘अतिथि ऐप’ की शुरुआत से इस तरह की खामियों पर पूरी तरह से अंकुश लग सकेगा।
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने इस नई व्यवस्था और एप्लिकेशन के संचालन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक चरण में इसे एक ट्रायल प्रोजेक्ट के रूप में एमपी नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी होटलों, गेस्ट हाउस, लॉज और धर्मशालाओं में लागू किया जा रहा है। इस परीक्षण के सफल रहने और सकारात्मक परिणाम सामने आने के पश्चात पूरे भोपाल शहर में इस व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए होटल और गेस्ट हाउस संचालकों को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के आधिकारिक सत्यापन पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना आवश्यक होगा।
कार्यप्रणाली के संबंध में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि जब भी कोई अतिथि होटल में कमरा बुक करने या चेक-इन के लिए पहुंचेगा, तब रिसेप्शन स्टाफ उसकी पहचान संबंधी जानकारी ‘अतिथि ऐप’ या ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करेगा। अतिथि का आधार विवरण दर्ज करते ही उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) प्राप्त होगा, जिसे सिस्टम में दर्ज करते ही रियल-टाइम आधार सत्यापन पूरा हो जाएगा। इस प्रक्रिया के माध्यम से पहचान पत्र की सत्यता तुरंत सिद्ध हो जाएगी और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल रोक लगाई जा सकेगी।