Goldman Sachs Copper Report: सोने के बाद अब तांबे के भी आसमान छूने वाले हैं दाम, जानिए क्या है इस ग्लोबल संकट के पीछे की बड़ी वजह

VIKASH KHALKHO

बिजनेस डेस्क। Nishaanebaz.com-Goldman Sachs Copper Report: पिछले कुछ सालों में सोने की कीमतें लगातार बढ़ते-बढ़ते आसमान छूने लगी हैं, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब और बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। लेकिन अब ग्लोबल मार्केट से एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। सोने के बाद एक और महत्वपूर्ण धातु तांबा (Copper) अपने भाव रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ाने को तैयार है। आने वाले समय में तांबे के दाम में भारी तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। यह दावा किसी आम अनुमान पर नहीं, बल्कि दिग्गज अमेरिकी निवेश बैंक गोल्डमैन सैश (Goldman Sachs) की एक बेहद गंभीर और विस्तृत रिपोर्ट में किया गया है।

खदानों के बनने में लगता है 16 साल का लंबा वक्त

गोल्डमैन सैश की रिपोर्ट के मुताबिक, तांबे की किसी भी नई खदान की खोज से लेकर वहां से पहला प्रोडक्शन शुरू करने तक लगभग 16 साल या उससे अधिक का समय लग जाता है। वर्तमान स्थिति यह है कि साल 2030 तक मौजूदा खदानों से तांबे के उत्पादन में भारी कमी आने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में केवल कीमतें बढ़ने भर से निवेश की तय अवधि के भीतर तांबे की आपूर्ति (Supply) में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं हो पाएगी, जिससे ग्लोबल मार्केट में गंभीर असंतुलन पैदा हो सकता है।

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तांबे की कमी ‘संरचनात्मक’ (Structural), चक्रीय नहीं

रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि तांबे की आपूर्ति में आने वाली यह कमी केवल कुछ समय के लिए यानी चक्रीय नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से संरचनात्मक (Structural) है। बाजार में यह बदलाव मुख्य रूप से बढ़ती कीमतों के जरिए आएगा। आने वाले समय में बाजार उन तांबा कंपनियों और विकास संपत्तियों को ज्यादा महत्व देगा, जिनकी नकल करना बेहद मुश्किल, खर्चीला और समय लेने वाला काम है।

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बड़ी खोजों में आई गिरावट और बढ़ गया खर्च

विश्लेषण में इस बात का भी खुलासा किया गया है कि 1990 के दशक के बाद से तांबे की किसी भी बड़ी खदान की खोज में लगातार कमी आई है। इसके साथ ही निकाले जा रहे अयस्क की गुणवत्ता (Ore Grade) भी काफी गिर गई है, जो खासतौर पर दक्षिण अमेरिका के खदानों में सबसे ज्यादा देखी गई है। इसके अलावा, अब तांबे के नए प्रोजेक्ट्स बेहद दूर-दराज के और दुर्गम इलाकों में शुरू किए जा रहे हैं, जिसके कारण कंस्ट्रक्शन, ऑपरेशन और कुल लागत (Costing) का खर्च कई गुना बढ़ गया है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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