सुबह की दिनचर्या में इन बातों पर दें ध्यान
दिनभर शरीर को चुस्त रखने के लिए रात की अच्छी नींद के साथ सुबह की दिनचर्या भी मायने रखती है। उठने के बाद क्या खाते-पीते हैं, दवाएं किस समय लेते हैं और शरीर के संकेतों को कितना समझते हैं, इन सबका असर सेहत पर पड़ सकता है। कई बार रोजमर्रा की छोटी-छोटी गलतियां लंबे समय तक जारी रहती हैं और लोगों को उनका ध्यान भी नहीं रहता।
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने सुबह से जुड़ी कुछ ऐसी आदतों पर ध्यान दिलाया है, जिनमें बदलाव करना उपयोगी हो सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है और किसी भी स्वास्थ्य समस्या का समाधान केवल दिनचर्या बदलना नहीं है।
चाय-कॉफी बहुत गर्म पीने से बचें
सुबह बहुत गर्म चाय या कॉफी बार-बार पीने से भोजन नली को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए कप में डालने के बाद पेय को थोड़ा ठंडा होने दें और फिर आराम से पिएं।
शौच को टालें नहीं
सुबह हर व्यक्ति का मल त्याग करने का समय एक जैसा नहीं होता। जरूरी यह है कि शरीर की प्राकृतिक इच्छा को बार-बार न टालें। नाश्ते के बाद आंतों की गतिविधि बढ़ने से भी शौच की जरूरत महसूस हो सकती है। इसके लिए पर्याप्त समय निकालें, पानी पिएं और फाइबर युक्त भोजन को अपनी डाइट में शामिल करें।
थायरॉइड की दवा के साथ न लें कॉफी
थायरॉइड के इलाज में इस्तेमाल होने वाली लेवोथायरॉक्सिन दवा का असर चाय-कॉफी के कारण प्रभावित हो सकता है, खासकर जब इन्हें दवा के बहुत करीब लिया जाए। इसलिए दवा लेने और नाश्ता या कॉफी पीने के बीच डॉक्टर के बताए अंतर का पालन करें।
नाश्ते में सिर्फ कार्बोहाइड्रेट पर निर्भर न रहें
सफेद ब्रेड या टोस्ट जैसे कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थों के साथ प्रोटीन और फाइबर लेना भी जरूरी है। अंडे, दही, दाल या सब्जियों को नाश्ते में शामिल करने से भोजन अधिक संतुलित बन सकता है। डायबिटीज के मरीज अपने खानपान की योजना डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह से बनाएं।
एसिडिटी की दवा लेने का समय समझें
एसिडिटी के लिए इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएं, जैसे प्रोटॉन पंप इन्हिबिटर (PPI), आमतौर पर भोजन से पहले लेने की सलाह दी जाती हैं। कई दवाओं के लिए यह समय नाश्ते से करीब 30–60 मिनट पहले हो सकता है, लेकिन सभी दवाओं का तरीका एक जैसा नहीं है। इसलिए दवा के लेबल और डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें।
विटामिन D को भोजन के साथ लें
विटामिन D वसा में घुलने वाला विटामिन है। इसे कुछ हेल्दी फैट वाले भोजन के साथ लेने पर शरीर में इसका अवशोषण बेहतर हो सकता है।
नींद पूरी न हो तो कॉफी पर निर्भर न रहें
रात में नींद कम होने के बाद तेज कॉफी पीना हर किसी के लिए सही विकल्प नहीं है। कुछ शोधों में नींद की कमी और सुबह कैफीन लेने के बाद ब्लड शुगर की प्रतिक्रिया के बीच संबंध देखा गया है। सुबह संतुलित नाश्ता करें और नियमित रूप से पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करें।